कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)जनपद के बाढ़ संभावित क्षेत्र हेतिमपुर में गुरुवार को आपदा प्रबंधन को लेकर एक अहम अभ्यास किया गया। छोटी गंडक नदी के किनारे निर्माणाधीन तटबंध पर एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और आपदा राहत टीमों के संयुक्त तत्वावधान में मोबलाइजेशन मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से पहले सतर्क करना और जान-माल की सुरक्षा के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना रहा।यह मॉक ड्रिल 11वीं बटालियन एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में तथा एनडीआरएफ गोरखपुर के निरीक्षक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई। ड्रिल के दौरान नदी में नाव पलटने, डूबते व्यक्ति को बचाने, सिविल बोट दुर्घटना, गोताखोरों द्वारा खोज अभियान और प्राथमिक चिकित्सा जैसे पांच अलग-अलग आपदा परिदृश्यों का सजीव प्रदर्शन किया गया एनडीआरएफ के जवानों ने ग्रामीणों को यह भी सिखाया कि आपात स्थिति में घरेलू सामानों की मदद से अस्थायी लाइफ जैकेट कैसे बनाई जा सकती है। इसके साथ ही डूबे व्यक्ति को बाहर निकालने के बाद सीपीआर देने की वैज्ञानिक विधि और प्राथमिक उपचार की जानकारी भी दी गई। अभ्यास के दौरान टीम की त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।कसया तहसीलदार धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह इलाका हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, ऐसे में पूर्व तैयारी और जनजागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाते हैं।कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी कसया संतराज सिंह, तहसीलदार, लेखपाल, एनडीआरएफ के अधिकारी-कर्मचारी सहित लगभग 200 ग्रामीण मौजूद रहे।
