Sunday, February 1, 2026
HomeNewsbeatलखनऊ के 56 चौराहा कैप्टन अंशुमान चौक"के नाम से जाना जायेगा

लखनऊ के 56 चौराहा कैप्टन अंशुमान चौक”के नाम से जाना जायेगा

बरहज(राष्ट्र की परम्परा)
तहसील क्षेत्र के ग्राम अकूबा निवासी वीर सपूत शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के नाम से जाना जाएगा लखनऊ का 56चौराहा। इस उपलब्धि को सुन जनपद मे ख़ुशी की लहर वही अकूबा निवासी अपने लाल के नाम से बने चौराहे को लेकर गौरवान्वित है।
बताते चले की अकूबा निवासी शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता रविप्रताप सिंह ने बेटे की याद को देशवासियो के दिलो मे जगाये रखने के लिए गोरखपुर से अकूबा तक शहीद एकसप्रेस बस सेवा शुरू किया गया, इस उपलब्धि से क्षेत्रवासी फुले नहीं समा रहे है।इससे पूर्व लखनऊ मे ही अंशुमान सिंह चौराहे का उद्धघाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के द्वारा किया गया था। उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए रविप्रताप सिंह ने बेटे शहीद अंशुमान सिंह की स्मृति मे छावनी परिषद लखनऊ के सौजन्य से बनाये गए कैप्टन अंशुमान चौक पर उनके प्रतिमा का उद्घाटन, लेफ्टिनेंट जनरल शीवीद्र सिंह एवं कैप्टन अंशुमान सिंह के परीजनो के साथ किया गया।
इस अवसर पर जी ओ सी मध्य भारत हम एरिया, स्टेशन कमांडर, कमांडेंट ओ की सी, कमांडेंट मध्य कमान चिकित्सालय, सी ई ओ छावनी परिषद, एवं विभिन्न पदों पर आसीन पांच मेजर जनरल, छः ब्रिगेडियर,दह कर्नल, तमाम सैन्यकर्मियों सहित उपस्थित रहे , जिन्होंने कैप्टन अंशुमान सिंह की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
ज्ञात हो कि कैप्टन अंशुमान सिंह बतौर चिकित्साधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान 19 जुलाई 2023 को सियाचिन के मध्य ग्लेशियर के चंदन कांप्लेक्स पर हुए भीषण अग्निकांड में फंसे अपने पांच साथियों को सुरक्षित आग से बाहर निकाल लिया था, जब चौथी बार अपने बंकर में जीवन रक्षक दवाओं एवं मेडिकल उपकरणों को बचाने के लिए घुसे, किन्तु नियती को कुछ और ही मंजूर था और वे अपना सर्वोच्च बलिदान देते हुए शहीद हो गए। उनके इस अदम्य साहस, कर्तव्य परायणता, उच्च इच्छाशक्ति, देशसेवा के लिए भारत सरकार ने मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया था। कैप्टन अंशुमान सिंह आजाद भारत में गोरखपुर मंडल के इकलौते कीर्ति चक्र विजेता है। लखनऊ की धरती पर स्थापित यह दूसरी प्रतिमा है। इससे पूर्व 21 अगस्त 2024 को कैप्टन अंशुमान सिंह चौराहे का उद्घाटन स्वयं योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा किया गया था। सरकार द्वारा प्रदत्त यह सम्मान शहीदों के प्रति समर्पित आस्था एवं सच्ची श्रद्धा का प्रतीक है।इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने नाम करण के सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया एवं सेना के बैंड ने राष्ट्रगान बजाकर सैन्य सम्मान अर्पित किया। देवरिया के बरडीहा का यह लाल देश पर अपनी जान न्यौछावर कर ग्राम , जनपद, मंडल एवं देश का नाम रोशन कर गया।इस अवसर पर तमाम ग्राम वासियों ने लखनऊ उद्घाटन समारोह में उपस्थित होकर अपने अंश अंशुमान की वीरगाथा को नमन करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments