Sunday, February 1, 2026
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यूजीसी नियमों के विरोध की गूंज देवरिया तक, बार अध्यक्ष ने पद छोड़ा, सवर्ण समाज आंदोलन को तैयार

देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ देवरिया जिले में विरोध की लहर तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में तहसील बार एसोसिएशन देवरिया के अध्यक्ष सामंत कुमार मिश्र ने मंगलवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन को सौंपते हुए इसे नैतिक निर्णय बताया।
यूजीसी के नए नियमों को लेकर जिले में सवर्ण समाज के बीच गहरा असंतोष देखा जा रहा है। विरोध के क्रम में बुधवार को एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तय की गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

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अपने त्यागपत्र में सामंत कुमार मिश्र ने यूजीसी के नए प्रावधानों की तुलना ब्रिटिश काल के कुख्यात रोलेट एक्ट 1919 से की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों के माध्यम से सवर्ण समाज के छात्रों को बिना समुचित जांच के कानूनी मामलों में फंसाकर जेल भेजने की मंशा छिपी हुई है।
मिश्र का कहना है कि यह नियम आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने पत्र में लिखा कि ऐसे प्रावधान समाज में वैमनस्यता को जन्म देंगे और जाति व धर्म के आधार पर विभाजन को बढ़ावा देंगे। इससे उच्च शिक्षण संस्थानों का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होगा और छात्रों में भय व असुरक्षा की भावना पैदा होगी।
गौरतलब है कि यूजीसी ने 13 जनवरी को ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव के विरुद्ध नियम, 2026’ को लागू किया है। आयोग का दावा है कि इन नियमों का उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में समानता सुनिश्चित करना और भेदभाव को रोकना है।
हालांकि, इन नियमों को लेकर कई सामाजिक और पेशेवर संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। सामंत कुमार मिश्र ने स्पष्ट किया कि वह इन नियमों का हर स्तर पर विरोध करेंगे और इसी नैतिक जिम्मेदारी के तहत उन्होंने तहसील बार अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उनके इस्तीफे के बाद बार एसोसिएशन में आगे की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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