गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
जिले में व्यवसायिक शिक्षा और कौशल विकास को नई गति देने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विकास अधिकारी सतीश कुमार सिंह ने की। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और छात्रों को रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ने पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि जनपद गोरखपुर में कुल 45 व्यवसायिक संस्थान एवं 9 केंद्रीय विद्यालय, यानी कुल 54 शैक्षणिक संस्थानों में व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन संस्थानों में छात्रों को तकनीकी, व्यावहारिक और कौशल आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे वे पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बन सकें।
जिला विकास अधिकारी सतीश कुमार सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शासन द्वारा व्यवसायिक एवं कौशल विकास पाठ्यक्रमों को सुदृढ़ करने के लिए जनपद को 2 करोड़ 70 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है। इस राशि का उपयोग आधुनिक उपकरणों की खरीद, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन, प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण तथा शिक्षकों के क्षमता विकास में किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि धनराशि का समयबद्ध और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित हो सके। साथ ही यह भी कहा गया कि व्यवसायिक शिक्षा को स्थानीय जरूरतों और रोजगार की संभावनाओं से जोड़ा जाए, जिससे छात्रों को प्रशिक्षण के बाद सीधे रोजगार या स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
बैठक में डीआईओएस अमरकांत सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अभिनव मिश्रा, मुख्य कोषाधिकारी प्रवीण चन्द्र सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और भविष्य की कार्ययोजना पर अपने सुझाव रखे।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि आने वाले समय में स्कूलों और व्यवसायिक संस्थानों में नए-नए कोर्स शुरू किए जाएंगे, जो उद्योगों और बाजार की मांग के अनुरूप होंगे। बैठक के अंत में जिला विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे व्यवसायिक शिक्षा को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि गोरखपुर के युवा कौशलयुक्त बनकर जिले और प्रदेश के विकास में योगदान दे।
