देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन, शाखा देवरिया द्वारा शनिवार को अवर अभियंता (जेई) अविनाश कुमार गौतम के निलंबन के विरोध में अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में दिनभर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। संगठन के सदस्यों ने इसे मनमाना निर्णय बताते हुए तत्काल बहाली और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
विरोध सभा की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष राम प्रवेश ने की, जबकि संचालन जनपद सचिव इंजीनियर अमर प्रसाद ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय अध्यक्ष इंजीनियर अवधेश कुमार, सचिव इंजीनियर शशांक चौबे, इंजीनियर अमित सिंह, हर्ष यादव, इंजीनियर सोनू, इंजीनियर राजा प्रसाद, इंजीनियर मनीष गुप्ता, इंजीनियर राजनाथ यादव सहित बड़ी संख्या में जूनियर इंजीनियर उपस्थित रहे।
क्या है पूरा मामला?
संगठन के अनुसार, फरियावडीह विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत एक अज्ञात व्यक्ति 11 केवी लाइन के पोल ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया, जिसके दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद अधीक्षण अभियंता, देवरिया द्वारा अवर अभियंता अविनाश कुमार गौतम को निलंबित कर दिया गया।
क्षेत्रीय अध्यक्ष इंजीनियर अवधेश कुमार ने आरोप लगाया कि बिना निष्पक्ष जांच के निलंबन की कार्रवाई की गई और वास्तविक तथ्यों को दरकिनार करते हुए जेई को “बलि का बकरा” बनाया गया। उन्होंने इसे अत्यंत निंदनीय बताते हुए कहा कि संगठन इस अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा।
मुख्य अभियंता का आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान मुख्य अभियंता, गोरखपुर क्षेत्र द्वितीय मौके पर पहुंचे और उपस्थित सदस्यों से वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार तक प्रकरण की समीक्षा कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद संगठन ने सोमवार तक के लिए विरोध प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय लिया।
हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार से आंदोलन पुनः शुरू किया जाएगा।
कर्मचारियों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
जूनियर इंजीनियर संगठन का कहना है कि महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता आवश्यक है। बिना स्पष्ट जांच और जिम्मेदारी तय किए किसी अधिकारी को निलंबित करना कर्मचारियों का मनोबल गिराता है। संगठन ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
देवरिया में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने विद्युत विभाग के भीतर चल रहे असंतोष को उजागर कर दिया है। अब सभी की निगाहें सोमवार की कार्रवाई पर टिकी हैं।
