रांची/हजारीबाग (राष्ट्र की परम्परा) हजारीबाग के प्रोवेश रिसॉर्ट में आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद मनीष जायसवाल ने वीबी–जी राम जी (विकसित भारत रोजगार गारंटी आजीविका मिशन) को ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित कानून मनरेगा का उन्नत विकल्प होगा, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 125 दिनों का वैधानिक रोजगार, मजबूत बुनियादी ढांचा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है।
सांसद ने बताया कि योजना के तहत सड़क निर्माण, जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, कृषि व आजीविका संसाधनों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। मजदूरी भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों में अनिवार्य होगा, देरी पर मुआवजे का प्रावधान रहेगा। कृषि मौसम को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों की विराम अवधि का विकल्प भी राज्यों को दिया गया है। केंद्र–राज्य भागीदारी 60:40 (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों के लिए 90:10) होगी और प्रशासनिक व्यय सीमा 9% तक बढ़ाई गई है।
उन्होंने मनरेगा में भ्रष्टाचार, नकली जॉब कार्ड और भुगतान संबंधी खामियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वीबी–जी राम जी अधिनियम 2025 तकनीक आधारित पारदर्शिता, उच्च गुणवत्ता की ग्रामीण परिसंपत्तियों के सृजन और बेहतर आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। किसान कल्याण हेतु कृषि, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा, सहकारिता और कुटीर उद्योगों के माध्यम से समन्वित प्रयास किए जाएंगे।
प्रेस वार्ता में बरही विधायक मनोज कुमार यादव, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जी राम जी योजना से ग्रामीण रोजगार को मिलेगी नई दिशा-मनीष जायसवाल
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