गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दिग्विजय नाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की चारों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय युवा दिवस एवं एनएसएस-रेड रिबन क्लब द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का गरिमामय और सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के विचारों से युवाओं को प्रेरित करना और मानवीय सेवा के माध्यम से सामाजिक उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करना रहा।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित प्रेरक कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने स्वामी विवेकानंद को भारतीय युवाओं का पथप्रदर्शक बताते हुए कहा कि उनका जीवन आत्मबल, चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” के मंत्र को जीवन में अपनाने का आह्वान किया और ज्ञान को समाज व देश के कल्याण में लगाने पर बल दिया।
इसके साथ ही एनएसएस और रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में गुरु गोरखनाथ हॉस्पिटल, गोरखपुर की विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम ने सभी निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षित रूप से रक्त संग्रहण किया। प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने रक्तदान को सबसे बड़ा दान बताते हुए इसे मानवता की सच्ची सेवा कहा और युवाओं से नियमित रक्तदान की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया। उन्होंने एनएसएस के उद्देश्य “मैं नहीं, आप” को रेखांकित करते हुए कहा कि रक्तदान शिविर इस भावना का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को एनएसएस की सेवा भावना से जोड़ते हुए युवा शक्ति को सशक्त भारत का आधार बताया।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निधि राय, डॉ. पीयूष सिंह और डॉ. प्रदीप यादव ने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद को संत के साथ-साथ क्रांतिकारी विचारक, शिक्षाविद् और राष्ट्रवादी चिंतक बताया तथा नियमित रक्तदान को समाज के लिए आवश्यक बताया।
रक्तदान करने वालों में डॉ. अनिल भास्कर, डॉ. हिमांशु यादव, डॉ. शुभ्रांशु शेखर सिंह, अभय सिंह, अंजली सिंह, अमिता सिंह रावत, अंचल गुप्ता, कृष्ण कुमार, अर्चना कन्नौजिया, साक्षी यादव, छत्रसाल सिंह सहित अन्य रक्तदाता शामिल रहे। प्राध्यापकगण डॉ. परीक्षित सिंह, डॉ. राम प्रसाद यादव, डॉ. त्रिभुवन मिश्रा, डॉ. श्याम सिंह, संतोष त्रिपाठी, अंकित सिंह, विकास पाठक, सुजीत शर्मा, नवीन सिंह सहित अनेक शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
एनएसएस स्वयंसेवकों अनुराग मिश्रा, छत्रसाल सहित अन्य ने पंजीकरण, व्यवस्था संचालन और रक्तदाताओं की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चिकित्सकीय टीम द्वारा रक्तदाताओं को आवश्यक परामर्श, देखभाल और जलपान की व्यवस्था की गई।

समग्र रूप से यह आयोजन युवाओं के वैचारिक उत्थान और मानवीय सेवा का सशक्त उदाहरण बना। अंत में सभी ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने और समाज सेवा में निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया तथा आयोजकों ने सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
