ईरान इस समय पिछले कई वर्षों के सबसे गंभीर राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। देशभर में जारी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों को दो हफ्ते से अधिक का समय हो चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। इस बढ़ते असंतोष के बीच अमेरिका के संभावित हस्तक्षेप को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
अमेरिकी बयानों, सैन्य ब्रीफिंग्स और कूटनीतिक गतिविधियों ने यह संकेत दिए हैं कि वॉशिंगटन ईरान में सत्ता परिवर्तन की दिशा में कोई बड़ा कदम उठाने पर विचार कर सकता है। सवाल यह है—क्या डोनाल्ड ट्रंप ईरान में अमेरिकी सेना उतारने की तैयारी कर रहे हैं?
- ट्रंप का प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में शासन परिवर्तन की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा,
“ईरान आज़ादी की ओर देख रहा है, शायद पहले से कहीं ज्यादा। अमेरिका मदद के लिए पूरी तरह तैयार है!!!”
इस बयान को ईरान के आंतरिक मामलों में सीधे हस्तक्षेप का संकेत माना जा रहा है।
- सैन्य हमले के विकल्पों पर ब्रीफिंग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप को हाल के दिनों में ईरान के खिलाफ लक्षित सैन्य हमलों समेत कई विकल्पों पर ब्रीफ किया गया है। इनमें तेहरान के चुनिंदा ठिकानों और शासन की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े ढांचे को निशाना बनाने की योजनाएं भी शामिल हैं।
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- ईरान पर हवाई हमलों की तैयारी?
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमलों पर विचार कर रहा है। हालांकि, वॉशिंगटन में इस मुद्दे पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन चर्चाओं का स्तर चिंताजनक माना जा रहा है।
- इजरायल हाई अलर्ट पर
ट्रंप के बयान के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इजरायल अमेरिका की संभावित कार्रवाई को देखते हुए किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष के लिए खुद को तैयार कर रहा है।
- रजा पहलवी की वापसी के संकेत
ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस रजा पहलवी, जो निर्वासन में हैं, ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन तेज करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूरी दुनिया ईरानी जनता की “राष्ट्रीय क्रांति” के साथ खड़ी है। उनके इस बयान को सत्ता परिवर्तन के बाद संभावित वापसी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन अब केवल आंतरिक असंतोष नहीं रह गए हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बनते जा रहे हैं। ट्रंप के बयानों, सैन्य तैयारियों और क्षेत्रीय सहयोगियों की सक्रियता ने यह संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिन मध्य पूर्व के लिए बेहद निर्णायक हो सकते हैं।
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