मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जिला गंगा समिति मऊ के तत्वावधान में पुलिस लाइन मऊ से ‘रन फॉर रिवर’ मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गंगा और तमसा नदियों की स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवाओं एवं आमजन को जागरूक करना रहा।
स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात सीओ सिटी क्रिस राजपूत एवं प्रो. शर्वेश पाण्डेय ने ‘रन फॉर रिवर’ थीम टी-शर्ट का अनावरण किया और हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया।
पुलिस लाइन से रामघाट तक गूंजे स्वच्छता के नारे
मैराथन पुलिस लाइन से प्रारंभ होकर गाजीपुर तिराहा, भीटी मार्ग होते हुए तमसा तट स्थित रामघाट पर संपन्न हुई। दौड़ के दौरान पूरा वातावरण ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’, ‘स्वच्छ नदी–स्वच्छ समाज’ और ‘गंगा–तमसा को स्वच्छ रखेंगे’ जैसे नारों से गूंजता रहा।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने मानव श्रृंखला बनाकर नदियों की स्वच्छता और जल संरक्षण का संकल्प लिया।

“जल है तो कल है” – सीओ सिटी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीओ सिटी क्रिस राजपूत ने कहा कि “जल है तो कल है। यदि आज जल स्रोतों की रक्षा नहीं की गई, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संकट में पड़ जाएगा।” उन्होंने लोगों से अपने कचरे का सही निस्तारण करने और कम से कम तीन अन्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की।
जल प्रदूषण से सभ्यताओं का हुआ पतन: प्रो. पाण्डेय
प्रो. शर्वेश पाण्डेय, प्राचार्य डी.सी.एस.के. पीजी कॉलेज एवं सदस्य जिला गंगा समिति ने जल प्रदूषण के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इतिहास में कई सभ्यताओं का पतन जल स्रोतों के दूषित होने के कारण हुआ है। उन्होंने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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जन-जागरूकता का सतत अभियान
इस अभियान का नेतृत्व पर्यावरणविद् शैलेंद्र प्रताप ने किया, जबकि कार्यक्रम का संयोजन जिला परियोजना अधिकारी डॉ. हेमंत कुमार यादव द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल एक दिन के लिए नहीं, बल्कि निरंतर जनचेतना के निर्माण के लिए किए जाते हैं।

इनकी रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में अरुण कुमार आरआई (पुलिस लाइन), श्याम शंकर पाण्डेय (यातायात निरीक्षक), दुर्गेश मद्धेसिया, डॉ. विशाल जायसवाल (एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर), तरुण कुमार सिंह, रामविलास राजू, निखिल कुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसके अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यातायात पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस मऊ और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
‘रन फॉर रिवर’ मैराथन ने यह संदेश दिया कि युवा शक्ति के सहयोग से ही स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का निर्माण संभव है। गंगा और तमसा जैसी पवित्र नदियों की रक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
