वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला में की गई बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद पूरी दुनिया में भूचाल आ गया है। 3 जनवरी को चलाए गए ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की धरती पर उतरकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाने का दावा किया गया, जिससे वैश्विक राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई।
अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप की नजर ग्रीनलैंड और ईरान पर भी है और इन दोनों क्षेत्रों को लेकर संभावित सैन्य विकल्पों पर गंभीर मंथन चल रहा है।
ग्रीनलैंड पर सैन्य योजना की तैयारी
ब्रिटिश अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (11 जनवरी) को वरिष्ठ विशेष बलों के कमांडरों को ग्रीनलैंड पर संभावित आक्रमण के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने इस संबंध में जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) को योजना तैयार करने को कहा है।
हालांकि, इस प्रस्ताव का जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ द्वारा विरोध किया जा रहा है। शीर्ष सैन्य अधिकारियों का कहना है कि ग्रीनलैंड पर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई गैरकानूनी होगी और इसके लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक है। जनरलों के मुताबिक यह कदम न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि इससे यूरोपीय देशों और नाटो (NATO) के साथ अमेरिका के रिश्तों में गंभीर संकट पैदा हो सकता है।
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ईरान को लेकर सैन्य विकल्पों पर ब्रीफिंग
वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप को हाल के दिनों में ईरान को निशाना बनाने वाले कई सैन्य विकल्पों की जानकारी दी गई है। इन विकल्पों में तेहरान में चुनिंदा ठिकानों पर लक्षित हमले शामिल हैं, जिनमें शासन के आंतरिक सुरक्षा तंत्र से जुड़े गैर-सैन्य बुनियादी ढांचे भी बताए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक ये ब्रीफिंग आकस्मिक योजना (Contingency Planning) का हिस्सा हैं, क्योंकि अमेरिकी प्रशासन ईरान में जारी हालात को देखते हुए राजनयिक, आर्थिक और सैन्य उपायों का आकलन कर रहा है।
ईरान की आजादी को तैयार अमेरिका: ट्रंप
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि ईरान पहले से कहीं ज्यादा आजादी के करीब है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, ईरान को मौजूदा सरकार से आजादी दिलाने में हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। यह सरकार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व में चल रही है।
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क्या बढ़ेगा वैश्विक टकराव?
वेनेजुएला के बाद ग्रीनलैंड और ईरान को लेकर सामने आ रही इन रिपोर्ट्स ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन क्षेत्रों में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप होता है, तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा, नाटो गठबंधन और मध्य-पूर्व की स्थिरता पर गहरा पड़ सकता है।
