Tuesday, January 13, 2026
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US-Iran Tension: ईरान पर हमले की तैयारी? ट्रंप का बड़ा संकेत

ईरान में तेज़ होते विरोध प्रदर्शन और सरकार की सख्त चेतावनियों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है, जिससे मध्य पूर्व में हालात और ज्यादा विस्फोटक हो सकते हैं।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले (Air Strike) के विकल्पों पर गंभीरता से मंथन कर रहा है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल किसी एक रणनीति पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि अभी तक न तो किसी तरह की सैन्य तैनाती की गई है और न ही हथियारों की कोई असामान्य गतिविधि देखी गई है। यह पूरी प्रक्रिया केवल संभावित हालात से निपटने के लिए बनाई जा रही रणनीतिक योजना का हिस्सा है, जिसे अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के तहत सामान्य प्रक्रिया मानता है।

ईरान में प्रदर्शनकारियों पर सख्ती, मौत की सजा तक की चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान में सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के संकेत दे दिए हैं। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन से ईरानी प्रशासन बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।

ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आज़ाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को “अल्लाह का दुश्मन” माना जाएगा, जिसके तहत मौत की सजा तक का प्रावधान है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की मदद करने वालों को भी इसी श्रेणी में रखा जा सकता है। अभियोजकों को निर्देश दिए गए हैं कि मामलों की सुनवाई तेजी से हो और किसी भी तरह की नरमी न बरती जाए।

ट्रंप का खुला समर्थन, अमेरिका का सख्त संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को खुला समर्थन दिया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान की जनता पहले से कहीं ज्यादा आज़ादी के करीब है और अमेरिका ईरानी नागरिकों की मदद के लिए तैयार है।

इसके साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग ने भी सख्त बयान जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनियों को हल्के में न लिया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया कि जब ट्रंप कोई बात कहते हैं, तो उसे लागू करने की क्षमता और इरादा दोनों रखते हैं।

इन घटनाक्रमों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है? आने वाले दिन पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

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