मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। कोपागंज थाना परिसर में थानाध्यक्ष रविंद्रनाथ राय की अध्यक्षता में समस्त उपनिरीक्षकों और पुलिस कर्मियों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यक्ष ऐप, डोजियर और मानव संपदा पोर्टल से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी अविलंब डोजियर भरकर कार्यालय में जमा करें, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई तय मानी जाएगी।
थानाध्यक्ष ने बताया कि यक्ष ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा लॉन्च किया गया एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह ऐप अपराधियों की संपूर्ण जानकारी, उनकी गतिविधियों, गैंग और लोकेशन को ट्रैक करने में मदद करता है। साथ ही यह गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने बताया कि यक्ष ऐप में फेशियल रिकग्निशन, वॉयस सैंपल मैचिंग और गैंग एनालिसिस जैसी अत्याधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं, जिससे अपराधियों का डेटा, क्राइम हिस्ट्री और नेटवर्क एक क्लिक में प्राप्त किया जा सकता है। गुमशुदा बच्चों, बुजुर्गों और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों का विवरण भी आसानी से मिल जाता है, जिससे खोज प्रक्रिया तेज होती है।
थानाध्यक्ष ने कहा कि यह ऐप संवेदनशील क्षेत्रों और अपराधियों की गतिविधियों पर तत्काल अलर्ट प्रदान करता है। साथ ही पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने और थाने की समस्त गतिविधियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने में सहायक है। अपराध के पैटर्न और अपराधियों की प्रवृत्ति को समझने के लिए इसमें ‘क्राइम जीपीटी’ जैसी सुविधा भी मौजूद है।
अंत में उन्होंने कहा कि यक्ष ऐप उत्तर प्रदेश पुलिस को अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक शक्तिशाली डिजिटल टूल प्रदान करता है, जिससे पुलिसिंग व्यवस्था और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बन रही है।
