अमेरिका की सेना ने लगातार तीसरे दिन कार्रवाई करते हुए कैरिबियन सागर में ‘ओलिना’ नाम के एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है। यह टैंकर वेनेजुएला के तेल परिवहन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन द्वारा वेनेजुएला के खनन और तेल आपूर्ति पर नियंत्रण को लेकर की जा रही कार्रवाई दिन-ब-दिन तेज होती जा रही है।

अमेरिकी सेना के एक विशेष ऑपरेशन के तहत यूएस मरीन और नेवी के जवानों ने सुबह के समय इस टैंकर को अपनी कस्टडी में लिया। यह अब तक अमेरिका द्वारा जब्त किया गया पांचवां तेल टैंकर है। वेनेजुएला में सत्ता पर अमेरिकी कब्जे के बाद से वॉशिंगटन लगातार प्रशासनिक और सैन्य स्तर पर हस्तक्षेप बढ़ा रहा है।

अमेरिका की सदर्न कमांड का कड़ा संदेश

इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए अमेरिका की सदर्न कमांड (Southern Command) ने सख्त बयान जारी किया। कमांड ने कहा,
“अपराधियों के लिए समुद्र में भी कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। आपराधिक गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

सदर्न कमांड के अनुसार, यह कार्रवाई व्यापक दबाव रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वेनेजुएला के तेल वितरण नेटवर्क को पूरी तरह नियंत्रित करना है।

https://twitter.com/WW3finalboss1/status/2009664116492030462?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2009664116492030462%7Ctwgr%5E7dd1e34553592f6d77ec1ab57f6d1985e465bd20%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.abplive.com%2Fnews%2Fworld%2Famerican-forces-seize-santioned-oil-tanker-atlantic-tensions-world-news-3071849

अब तक कितने टैंकर जब्त कर चुकी है US Navy

अमेरिकी सेना इससे पहले

• उत्तरी अटलांटिक में रूस के झंडे वाले टैंकर ‘मैरिनेरा’

• कैरिबियन सागर से एक अन्य जहाज

• और एमटी सोफिया नामक टैंकर को संदिग्ध गतिविधियों के चलते

जब्त कर चुकी है। इन कार्रवाइयों के बाद अमेरिका और रूस के बीच राजनयिक तनाव गहरा गया है। रूस ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

ये भी पढ़ें – ईरान में हिंसक प्रदर्शन, खामेनेई की सत्ता को खुली चुनौती

वेनेजुएला पर अमेरिकी ऑपरेशन और मादुरो की गिरफ्तारी

इससे पहले 3–4 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेंस को गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर ड्रग ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा था कि यदि जरूरत पड़ी तो वेनेजुएला में दूसरा सैन्य हमला भी किया जा सकता है।