असम चुनाव 2026: कांग्रेस की बड़ी रणनीतिक चाल, वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से बदलेगा सियासी समीकरण
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)आगामी असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारी को धार देते हुए संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और झारखंड के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की को असम के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस फैसले को विपक्षी एकजुटता और जमीनी रणनीति को मज़बूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी बयान में बताया गया कि असम सहित उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पर्यवेक्षकों की टीमें गठित की गई हैं, जहां इस वर्ष चुनाव प्रस्तावित हैं। इससे पहले प्रियंका गांधी वाड्रा को असम चुनावों के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया जाना कांग्रेस की गंभीरता को दर्शाता है। माना जा रहा है कि वरिष्ठ पर्यवेक्षक और स्क्रीनिंग कमेटी मिलकर टिकट वितरण, गठबंधन समन्वय और प्रचार रणनीति पर खास ध्यान देंगे।
असम में 126 विधानसभा सीटों पर मार्च–अप्रैल के बीच मतदान की संभावना है। कांग्रेस पहले ही कई क्षेत्रीय और वामपंथी दलों के साथ साझा मोर्चा बनाने की घोषणा कर चुकी है, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विपक्षी खेमे का लक्ष्य सत्ताधारी दल को कड़ी चुनौती देना और जनता के मुद्दों को केंद्र में लाना है।
इस बीच, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने चुनाव को जनता बनाम सत्ता के अहंकार की लड़ाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार धनबल, दबाव और विभाजनकारी राजनीति के सहारे चुनाव प्रभावित करना चाहती है, लेकिन जनता एकजुट होकर लोकतांत्रिक जवाब देगी। कांग्रेस का दावा है कि असम की संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और जनता की गरिमा की रक्षा ही उनकी राजनीति का केंद्र है।
कुल मिलाकर, वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की तैनाती से कांग्रेस ने संकेत दे दिया है कि Assam Assembly Election 2026 में पार्टी पूरी ताकत और रणनीति के साथ मैदान में उतरने वाली है।
