देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन की संवेदनहीनता गरीबों और राहगीरों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। वार्ड नंबर 15 के आईटीआई चौराहा और मंडी क्षेत्र में अलाव की व्यवस्था न होने से स्थानीय लोग ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं।
दिखावे तक सीमित अलाव व्यवस्था
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंडी क्षेत्र में केवल एक दिन दिखावे के लिए अलाव जलाया गया, उसके बाद से न तो लकड़ी दिखी और न ही आग। वहीं आईटीआई चौराहा, जहां दिन-रात लोगों की आवाजाही रहती है, वहां नगर पालिका द्वारा अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।

कागजों में जल रही लकड़ियां!
सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका देवरिया द्वारा अलाव के लिए लकड़ियों का टेंडर पास किया गया है, लेकिन यह व्यवस्था सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गई है। आरोप है कि नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अभियंता और ठेकेदार की मिलीभगत से अलाव की लकड़ियों में बंदरबांट हो रहा है। धरातल पर गरीबों के लिए आग नहीं, जबकि कागजों में अलाव जल रहा है।
अधिशासी अभियंता की जिम्मेदारी पर सवाल
वार्ड नंबर 15 की जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आईटीआई चौराहे जैसे प्रमुख स्थान पर अलाव जलवाना अधिशासी अभियंता की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है। सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी ठंड से जुड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है?
स्थानीय नागरिकों ने कहा—
“इस कड़कड़ाती ठंड में हम ठिठुर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। कागजों में लकड़ियां जल रही हैं और हम ठंड से जंग लड़ रहे हैं।”

जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग
अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद जिला प्रशासन नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर संज्ञान लेता है या फिर वार्ड नंबर 15 की जनता को यूं ही ठंड के सितम के भरोसे छोड़ दिया जाएगा।
