लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। संस्कृत भारती द्वारा आयोजित आठ दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन शनिवार को लखनऊ के निराला नगर शिशु मंदिर के समीप स्थित जेसी गेस्ट हाउस में हुआ। उद्घाटन सत्र का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोरक्ष प्रांत के पूर्व प्रांत प्रचारक एवं वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख सुभाष जी ने किया।
उद्घाटन अवसर पर सुभाष जी ने संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन तथा समाज में उसकी प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा की मूल धारा है, जिसके माध्यम से सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ किया जा सकता है।
कार्यक्रम में शिवालय संरक्षण समिति के केंद्रीय संगठक, बीटीएसएस के प्रकाशन प्रभाग के राष्ट्रीय प्रभारी एवं प्रशिक्षण वर्ग के वर्गाधिकारी धर्मेंद्र भाईसाहब मंचासीन रहे।
वर्ग स्थल पर संस्कृत भारती के पूर्व प्रचारक एवं वर्तमान में लखनऊ विश्वविद्यालय के संस्कृत एवं ज्योतिर्विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्यामलेश तिवारी, संस्कृत भारती के क्षेत्रीय प्रमुख (पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र) प्रमोद जी, सत्र के मुख्य अतिथि सुभाष जी तथा वर्गाधिकारी धर्मेंद्र जी उपस्थित रहे।
आठ दिवसीय इस प्रशिक्षण वर्ग में बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थियों एवं संस्कृत प्रेमियों की सहभागिता दर्ज की गई है।
संस्कृत भारती के आठ दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ
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