देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और उनकी समुचित देखभाल को लेकर जिला प्रशासन ने एक अहम पहल की है। विकास खंड देवरिया सदर अंतर्गत स्थित पिपरा चन्द्रभान वृहद गो-संरक्षण केंद्र के संचालन के लिए इच्छुक गैर-सरकारी संस्थाओं, गोसेवकों एवं अन्य योग्य व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। गो-संरक्षण केंद्र का संचालन मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के माध्यम से एक वर्ष की अवधि के लिए किया जाएगा।
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बताया कि गो-संरक्षण केंद्र में रह रहे निराश्रित गोवंशों के भरण-पोषण हेतु शासन द्वारा प्रति पशु ₹50 प्रतिदिन की धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से प्रदान की जाएगी। इससे गोवंशों के चारे, पानी और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
इच्छुक अभ्यर्थी 05 जनवरी 2026 से 15 जनवरी 2026 तक प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे के बीच मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, देवरिया के कार्यालय से MoU का आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। भरे हुए आवेदन पत्र को 16 जनवरी 2026 को अपराह्न 3:00 बजे तक संबंधित कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग से संबंधित आवेदन को पूर्ण या आंशिक रूप से निरस्त करने का अधिकार जिलाधिकारी के पास सुरक्षित रहेगा। यह पहल गोवंश संरक्षण को सशक्त बनाने और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैl
गोवंश संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन की बड़ी पहल, गो-संरक्षण केंद्र संचालन के लिए आवेदन आमंत्रित
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