भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के निवर्तमान क्षेत्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
आजमगढ़ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पसमांदा समाज के सक्रिय कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों में पदाधिकारी अब्दुल रहमान अंसारी (पप्पू महाप्रधान) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अल्पसंख्यक कल्याण, हज एवं वक्फ राज्यमंत्री दानिश आज़ाद अंसारी की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष जताया है। उन्होंने मांग की है कि मंत्री को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं, ताकि केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पसमांदा मुसलमानों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि सरकार गठन के समय पसमांदा समाज को प्रतिनिधित्व मिलने से समुदाय में व्यापक खुशी थी और इसके लिए समाज आज भी आभारी है। लेकिन आरोप लगाया गया है कि मंत्री बनने के बाद दानिश आज़ाद अंसारी ने अपने समाज और पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं से दूरी बना ली है।
पत्र के अनुसार मंत्री उन लोगों के कार्यक्रमों और सुख-दुख में अधिक शामिल होते हैं, जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर अभियान चलाया था। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि इससे संबंधित वीडियो क्लिप और साक्ष्य उपलब्ध हैं।
अब्दुल रहमान अंसारी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ होते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश हैं कि मंत्री अपने समाज को पार्टी से जोड़ें और सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं, जिससे 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को मजबूती मिल सके।
पत्र के अंत में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि दानिश आज़ाद अंसारी को पुनः दिशा-निर्देश देकर पसमांदा ओबीसी मुसलमानों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित कराई जाए, ताकि पसमांदा मुसलमान एकजुट होकर 2027 में सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकें।
ज्ञात हो पत्र भेजने वाले अब्दुल रहमान अंसारी (पप्पू महाप्रधान) पसमांदा एक्टिविस्ट हैं। साथ ही वे राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौसेवा संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा गोरखपुर क्षेत्र के निवर्तमान क्षेत्रीय मंत्री तथा ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव भी हैं।
