सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी समारोह के पावन अवसर पर मंगलवार को नगर के तुलसी पैलेस में भव्य अटल स्मृति सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में अटल जी के राष्ट्रवादी विचारों, सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनकल्याण के प्रति उनके आजीवन समर्पण को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दानिश आज़ाद ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भारत को राजनीतिक स्थिरता, विकास और वैश्विक सम्मान की नई दिशा दी। उनके नेतृत्व में देश ने परमाणु शक्ति बनने के साथ-साथ सड़क, संचार और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व आज भी राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए प्रेरणास्रोत है।
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विचार, संस्कार और संवाद की मिसाल थे अटल जी
विशिष्ट अतिथि पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पूर्व क्षेत्रीय मंत्री मार्कण्डेय शाही ने कहा कि अटल जी राजनीति में विचार, संस्कार और संवाद की जीवंत मिसाल थे। जिला प्रभारी विजय बहादुर दुबे और मार्कण्डेय तिवारी ने अटल जी के सिद्धांतों को वर्तमान समय में और भी अधिक प्रासंगिक बताया।
पूर्व विधायक संजय यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी सत्ता नहीं, बल्कि सेवा की राजनीति के प्रतीक थे और उन्होंने विपक्ष का सम्मान कर लोकतंत्र की गरिमा को मजबूत किया।
सम्मेलन में भाजपा के वरिष्ठ नेता अरविन्द राय, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि संजय जयसवाल, मनीष सिंह, मनोज सिंह, मंडल अध्यक्ष क्षितिज प्रताप सिंह, अरूणजय चौहान, आकाश तिवारी, चन्द प्रकाश राय ‘चन्दन’ सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
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