गाजियाबाद (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आए, जब थाना लोनी क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने एक पूर्व एयर फोर्सकर्मी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात हत्यारों की तलाश शुरू कर दी गई है।
घर और पुलिस चौकी से चंद दूरी पर हुई वारदात
मृतक की पहचान योगेश कुमार के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र स्थित अशोक विहार कॉलोनी में रहते थे। योगेश कुमार करीब छह महीने पहले ही भारतीय वायुसेना (Air Force) से सेवानिवृत्त हुए थे।
घटना गुरुवार (26 दिसंबर) दोपहर करीब 1 बजे की है, जब योगेश कुमार घर से कुछ दूरी पर पैदल जा रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
हैरानी की बात यह है कि जहां यह हत्या हुई, वहां से मृतक का घर महज 100 मीटर और स्थानीय पुलिस चौकी करीब 150 मीटर की दूरी पर स्थित है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा गोलीकांड का राज
लोनी एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि योगेश कुमार को कितनी गोलियां मारी गईं, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमलावर कितने थे और किस वाहन से आए थे।
पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है।
एंबुलेंस न मिलने से उठे सवाल
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या के बाद पूर्व सैनिक को एंबुलेंस तक नसीब नहीं हुई। देश की सीमाओं पर सेवा देने वाले योगेश कुमार के शव को मजबूरी में छोटे हाथी (लोडिंग वाहन) में रखकर ले जाया गया।
इस घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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