महाराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सदर खंड के रमपुरवा स्थित शिवशंकर सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में सनातन संस्कृति, राष्ट्र चेतना और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश दिया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी, अयोध्या के महंत महामंडलेश्वर डॉ. महेश योगी ने कहा कि सनातन संस्कृति पिंड और प्रकृति का आधार है। यह सम्पूर्ण जीवन का संबल, सभी धर्मों का केंद्र तथा गरिमामय और अनुशासित जीवन की रक्षक है।
डॉ. योगी ने कहा कि सनातन संस्कृति केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन-पद्धति है, जिसे जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने राष्ट्र के विखंडन की साजिशों से सावधान रहने का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और घुसपैठ के विरुद्ध समाज को एकजुट होकर करारा जवाब देना होगा। 1200 वर्षों की गुलामी के बाद मिली स्वतंत्रता को संजोए रखने और कुटुंब से समाज तक राष्ट्र चेतना अपनाने पर उन्होंने विशेष बल दिया।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गोरक्ष प्रांत के बौद्धिक शिक्षण प्रमुख एवं शिवपति पीजी कॉलेज शोहरतगढ़ के प्राचार्य प्रो. अरविंद सिंह ने कहा कि 21वीं सदी का भारत विश्वगुरु बनेगा। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की निर्णायक भूमिका रेखांकित करते हुए समाज के संगठित प्रयासों की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार सनातन संस्कृति के मूल्यों पर आधारित हिंदू और हिंदुत्व देश व राष्ट्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और संघ इस दायित्व को निरंतर निभाता रहेगा।
वक्ताओं ने संतवाणी और धर्म-संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत संतों और धर्म की भूमि है। जब-जब अधर्म बढ़ा है, तब-तब धर्म का उत्थान हुआ है। सनातन संस्कृति को भारत की आत्मा बताते हुए इसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ गणेश वंदना तथा महाभारत के दृश्य गीत से मनोज गुप्ता और सत्यप्रकाश द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता एवं अतिथियों का स्वागत पुष्प वर्षा, शंखनाद और तिलक के साथ हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता पीजी कॉलेज के प्रबंधक डॉ. बलराम भट्ट ने की। उन्होंने सकल हिन्दू समाज की एकता पर जोर देते हुए हर परिस्थिति में एकजुट रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड कार्यवाह सुनील मिश्र ने किया।
इस अवसर पर विमल पांडेय, कृष्ण गोपाल जायसवाल, डॉ. शान्ति शरण मिश्र, दलजीत सिंह, बलदाऊ सिंह, रामप्रीत गुप्ता, नरेंद्र कुमार खरवार, विजय सिंह चौधरी, जयराम तिवारी, ओमप्रकाश पांडेय, शैलेश मिश्रा, पशुपतिनाथ तिवारी, मयंक मणि त्रिपाठी, अनिल राय, साधु शरण शर्मा, अटल खरबार सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विराट हिन्दू सम्मेलन ने सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकजुटता का संदेश देते हुए क्षेत्र में नई चेतना का संचार किया।
