आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। पशुपालकों को अब पशुओं की महंगी दवाओं के लिए बाजारों में भटकना नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार ने जन औषधि योजना की तर्ज पर ‘पशु औषधि केंद्र’ स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आगरा में पहले चरण में 12 नए पशु औषधि केंद्र खोले जाएंगे, जिनमें प्रत्येक ब्लॉक पर एक केंद्र प्रस्तावित है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के अनुसार इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं और पात्रता के आधार पर चयन किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुपालकों के इलाज के खर्च को कम करना है। वर्तमान में पशु दवाओं की कीमतें निजी बाजारों में काफी अधिक होती हैं, जिससे पशुपालकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। नई योजना के तहत इन केंद्रों पर एंटीबायोटिक, विटामिन, हार्मोनल इंजेक्शन, प्राथमिक उपचार किट और टीकाकरण दवाएं किफायती दरों पर उपलब्ध होंगी।
केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के तहत पशुपालन को महत्वपूर्ण आधार मानकर आगे बढ़ रही है। पशु औषधि केंद्र खुलने से न केवल उपचार लागत कम होगी, बल्कि डेयरी उद्योग और पशुधन संरक्षण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
आवेदन प्रक्रिया शुरू
अधिकारियों के अनुसार पशु औषधि केंद्र खोलने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए निम्न प्रमुख योग्यताएँ अनिवार्य हैं—
- फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र
- ड्रग लाइसेंस
- कम से कम 120 वर्ग फीट स्थान
ऑनलाइन आवेदन pashuaushadhi.dahd.gov.in पोर्टल पर किए जाएंगे। विभाग द्वारा स्थान सत्यापन एवं निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी कर चयन किया जाएगा। योजना के सफल संचालन हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अपर निदेशक ग्रेड–2 को प्रमुख जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ पशु दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए एक बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
