Monday, February 2, 2026
Homeउत्तर प्रदेशतहसील बार एसोसियेशन देवरिया विवाद: अधिकारियों की कार्यशैली से असंतोष बढ़ा, अधिवक्ताओं...

तहसील बार एसोसियेशन देवरिया विवाद: अधिकारियों की कार्यशैली से असंतोष बढ़ा, अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य रोकने का निर्णय लिया

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। तहसील बार एसोसियेशन देवरिया विवाद आज फिर चर्चाओं में रहा जब 06 दिसंबर 2025 को एसोसिएशन की आवश्यक बैठक अध्यक्ष सामन्त कुमार मिश्र, एडवोकेट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की और बताया कि ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट/एसडीएम देवरिया तथा तहसीलदार देवरिया को समय देने के बावजूद उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार देखने को नहीं मिला।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से तहसीलदार देवरिया द्वारा। GRS के अलावा किसी भी न्यायिक कार्य पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे दूर-दराज से आने वाले वादकारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। नायब तहसीलदार द्वारा न्यायिक कार्य में रुचि न लेने और व्यवहारिक दृष्टिकोण में कमी के कारण तहसील परिसर में असंतोष का माहौल व्याप्त है।

बार एसोसियेशन ने इस संबंध में जिलाधिकारी देवरिया, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) और सीआरओ को कई पत्र दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नायब तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग भी बार-बार उठाई गई, जिसे शासन-प्रशासन ने नजरअंदाज कर दिया। इसके चलते अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य में सहयोग न करने का निर्णय लिया है।

ये भी पढ़ें – जेएनसीयू की विषय सेमेस्टर परीक्षा में पाँच नकलची पकड़े गए

अधिवक्ताओं ने बताया कि अधिकारियों की उदासीनता के कारण बार और ब्रांच के बीच तनाव बढ़ता गया। दबाव डालने पर अधिकारियों ने धारा 31/32 की 150 पत्रावलियाँ पुनः तहसील में भेज दीं, जिससे विवाद और गंभीर हो गया। इसके विरोध में अधिवक्ता कुछ दिन पूर्व शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने को विवश हुए थे, जिसे जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से समाप्त किया गया।

डीएम ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन उनके आदेशों का अनुपालन अभी भी नहीं किया जा रहा। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो बार एसोसियेशन ने पुनः लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

ये भी पढ़ें – मुख्यधारा की मीडिया और सोशल मीडिया विषयक संवाद में छात्रों ने रखे विचार

बैठक में अजय कुमार द्विवेदी, राकेश कुमार शाही, राजाराम, युगुल किशोर तिवारी, राघव पाण्डेय, राजीव त्रिपाठी, रामईश्वर सिंह, जसमुद्दीन, अजय कुमार, विष्णु कुमार, सच्चिदानन्द सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments