नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने गुरुवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई रही। उन्होंने खुलासा किया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमान (F-16 और JF-17) मार गिराए।
पाकिस्तान को भारी नुकसान
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के कई अहम ठिकानों पर हमला किया गया। इनमें शामिल हैं:
चार रडार स्टेशन
दो कमांड एवं कंट्रोल सेंटर
दो रनवे
तीन हैंगर
भारतीय कार्रवाई में पाकिस्तान के कम से कम 4-5 लड़ाकू विमान तबाह हुए, जिनमें संभवतः F-16 भी शामिल थे। इसके अलावा एक SAM (Surface-to-Air Missile) प्रणाली भी नष्ट की गई।
300 किलोमीटर भीतर तक की मार
IAF प्रमुख ने बताया कि भारतीय वायुसेना ने दुश्मन के क्षेत्र में 300 किलोमीटर तक लंबी दूरी के लक्ष्यों को भेदा। उन्होंने कहा,
“हमारे पास मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसने पूरे हालात को बदल दिया। हमने पाकिस्तान की गहराई तक जाकर हमला किया और उनकी गतिविधियों पर रोक लगा दी।”
एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को लेकर सवाल पर उन्होंने सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन यह जरूर बताया कि यह प्रणाली भारतीय सुरक्षा के लिए बेहद कारगर साबित हुई है।
‘दुनिया को भारत से सीखने की जरूरत’
ऑपरेशन सिंदूर पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों को साफ निर्देश दिए गए थे और लक्ष्य हासिल होने के बाद ऑपरेशन को आगे नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने कहा,
“यह इतिहास में दर्ज होगा कि हमने साफ उद्देश्य के साथ युद्ध लड़ा और मिशन पूरा होने के बाद तुरंत रोक दिया। आज दुनिया में दो बड़े युद्ध चल रहे हैं, लेकिन हमने युद्धविराम उसी समय स्वीकार किया जब दुश्मन ने हमसे इसकी मांग की। यह दुनिया के लिए एक सबक है।”
तीनों सेनाओं का तालमेल
IAF प्रमुख ने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर तीनों सेनाओं (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) के तालमेल का प्रतीक था। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब ‘सुदर्शन चक्र’ वायु रक्षा प्रणाली पर काम कर रहा है, जो देश की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाएगा।
