बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
रेवती थाना क्षेत्र के अघैला गांव में उस समय गमगीन माहौल हो गया जब गांव के ही भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अशोक सिंह और उनके कर्मचारी विकास सिंह के शव राजस्थान से बरामद होने की सूचना गांव पहुँची। अशोक सिंह, जो रेलवे नई दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारी आईएएस निर्भय नारायण सिंह के बड़े भाई भी थे, अपने कर्मचारी विकास सिंह के साथ 19 सितम्बर को व्यवसायिक कार्य से बलिया से जयपुर के लिए रवाना हुए थे। परिवार के अनुसार, जयपुर पहुँचने के बाद दोनों का फोन अचानक बंद हो गया और उनसे संपर्क टूट गया। अनहोनी की आशंका में परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लंबे इंतजार के बाद 23 सितम्बर को राजस्थान स्थित दो अलग-अलग कुओं से अशोक सिंह और विकास सिंह के शव बरामद हुए। इस हृदय विदारक घटना की सूचना मिलते ही न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लोग अवाक रह गए कि लोकप्रिय और मिलनसार व्यक्तित्व वाले अशोक सिंह इस तरह से अचानक दुनिया छोड़ जाएंगे। बुधवार को परिजनों ने लखनऊ में दोनों का अंतिम संस्कार किया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में रिश्तेदार, शुभचिंतक और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे वातावरण में गमगीन सन्नाटा था और हर किसी की आंखें नम थीं। अशोक सिंह की सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता को याद करते हुए लोगों ने कहा कि उनका जाना पार्टी और समाज दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है। इसी क्रम में भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य कौशल सिंह के गायघाट स्थित आवास पर शोकसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सतेंद्र सिंह, मुकेश पांडेय, अनिल सिंह, सुशील श्रीवास्तव सहित अनेक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।
अशोक सिंह की असामयिक मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। लोग इसे राजनीति और समाज दोनों के लिए बड़ी क्षति मान रहे हैं। गाँव से लेकर जिले तक इस घटना की चर्चा है और हर कोई दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है।
