Monday, February 2, 2026
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“जहाँ शहनाई बजनी थी, वहाँ सन्नाटा पसरा – बेटी की मौत के बाद तेरहवीं के लिए बेचने पड़े शादी के बर्तन”

प्रतीकात्मक फोटो

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।
जिंदगी कितनी बेरहम हो सकती है, इसका दर्दनाक उदाहरण नगर के टीचर कॉलोनी में सामने आया। यहाँ एक युवती, जिसकी शादी नवंबर माह में होनी थी, ने मानसिक तनाव और अवसाद में आकर फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जिस घर में चंद दिनों बाद शहनाई गूंजनी थी, वहाँ अब मातम पसरा है।

परिवार ने बेटी की शादी के लिए महीनों से तैयारी कर रखी थी। बर्तन से लेकर अन्य सामान तक खरीद लिया गया था। लेकिन किस्मत ने ऐसा क्रूर मजाक किया कि वही बर्तन अब शादी में नहीं, बल्कि तेरहवीं के लिए बेचने पड़े। परिजनों के सपने चकनाचूर हो गए और खुशियों का हर रंग मातम की काली चादर में ढक गया।

जानकारी के अनुसार, युवती की एक तस्वीर अचानक सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। समाज और लोकलाज के दबाव से वह गहरे मानसिक तनाव में आ गई। पीड़ा और अपमान को दिल में दबाए, उसने अपनी बात किसी से साझा नहीं की और चुपचाप मौत को गले लगा लिया।

परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। मृतका दो बहनों और एक भाई में सबसे छोटी थी। उसकी शादी को लेकर घर में रौनक थी। रिश्तेदारों के आने-जाने की तैयारी चल रही थी। लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया।

इस मामले में सलेमपुर पुलिस ने एक युवक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। वहीं, मृतका के परिवार का कहना है कि जिस बेटी के लिए सपनों का संसार सजाया जा रहा था, अब उसी की तेरहवीं के लिए शादी के बर्तन बेचने की विवशता जीवनभर सालती रहेगी।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरा संदेश है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया की गैर-जिम्मेदारी और लोकलाज का दबाव कभी-कभी किसी की जिंदगी छीन लेता है।

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