
शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। मेरा युवा भारत युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संजय कुमार सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की 120वी जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन पूरे उत्साह व उमंग से किया गया। जिसके अंतर्गत जिला युवा कल्याण अधिकारी एनके सिंह, जिला युवा अधिकारी माय भारत मयंक भदौरिया, प्रधानाचार्य सौरभ वार्ष्णेय, डीपीओ डॉ. विनय सक्सेना द्वारा मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। तत्पश्चात जिला युवा कल्याण अधिकारी एनके सिंह ने सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए जीवन में कभी हार न मानने और निरन्तर प्रयासरत रहने की सीख दी। जिला युवा अधिकारी माय भारत मयंक भदौरिया ने खेलो भारत नीति 2025 पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए उसके विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की और फिट इंडिया अभियान अंतर्गत सभी से अपनी दैनिक जीवनशैली में कोई न कोई शारिरिक गतिविधि शामिल करने व खेलों को समय देने की बात कही। प्रधानाचार्य सौरभ वार्ष्णेय ने भी खेलों से होने वाले स्वास्थ्य लाभ, मानसिक लाभ एवं व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में खेलों के विशेष महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम अंतर्गत लंबी कूद, 400 मीटर दौड़, बैडमिंटन व वालीबॉल की प्रतिस्पर्धा आयोजित की गयीं। वालीबॉल में मेजर ध्यानचंद टीम विजेता जबकि सुभाष चंद्र बोस टीम उपविजेता रही। 400 मीटर दौड़ में प्रथम विशाल, द्वितीय आदित्य वर्मा व तृतीय स्थान पर सुमित पाल रहे तो वहीं लंबी कूद में प्रथम अथर्व प्रताप सिंह, द्वितीय अभिषेक कश्यप व तृतीय स्थान अभिज्ञान ने प्राप्त किया तो वहीं बैडमिंटन में अटल विजेता और अनंत गुप्ता उपविजेता रहे। सभी विजेताओं को ट्रॉफी व प्रमाण पत्र से पुरुस्कृत किया गया और अतिथियों एवं निर्णायक मंडल के सदस्यों ओम कश्यप, योगेंद्र सिंह, रेनू यादव, अदिति यादव को भी प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया। नमामि गंगे परियोजना अंतर्गत डी पी ओ डॉ विनय सक्सेना द्वारा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें विजेताओं दिव्यांशु, अभय प्रताप सिंह, अभिज्ञान राठौर, कार्तिक शुक्ला और विनय यादव को जिला गंगा समिति द्वारा मेडल से पुरुस्कृत किया गया। कार्यक्रम में व्यायाम प्रशिक्षक सत्येंद्र कुमार, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी शुभम सिंह, शिक्षक महेंद्र सिंह, हिमांशु सक्सेना, मनोज, अजय समेत कॉलेज के अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति रही।