Wednesday, March 4, 2026
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खेल जीवन को अनुशासित और स्वस्थ बनाने का माध्यम हैं: डॉ. ऑरपी यादव

मेजर ध्यानचंद को याद कर खेलों में करियर पर चर्चा

बिछुआ/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में मेजर ध्यानचंद की जयंती पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं इनोवेशन एण्ड इन्क्यूबेशन सेन्टर के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित शासकीय महाविद्यालय बरघाट की क्रीड़ा अधिकारी डॉ. सायमा सरदेशमुख ने “खेलों में रोजगार” विषय पर सारगर्भित वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अवसर देना और खेलों के प्रति समाज में जागरूकता लाना बेहद ज़रूरी है।
सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. आर.पी. यादव ने विद्यार्थियों को खेलों के महत्व पर प्रेरित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन को अनुशासित और स्वस्थ बनाने का माध्यम हैं। खेल हमें हार-जीत से ऊपर उठकर परिश्रम, टीम भावना और धैर्य सिखाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय रहें, क्योंकि खेल आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और मानसिक संतुलन बढ़ाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में खेलों को करियर के रूप में अपनाने की संभावनाएँ बढ़ी हैं और विद्यार्थियों को इस दिशा में अवसर तलाशने चाहिए।
स्वागत भाषण आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. अजीत डेहरिया ने तथा आभार प्रदर्शन क्रीड़ा अधिकारी डॉ. नीरज खंडागले ने किया। मंच संचालन नोडल अधिकारी डॉ. फरहत मंसूरी ने किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की गतिविधियों में और एनएएसी टीम के समक्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और ट्रॉफी प्रदान की गई। साथ ही फ्यूजन अकादमी दिल्ली की संस्थापक शाजिया सरदेशमुख द्वारा आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेताओं को भी ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र दिए गए। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पूजा तिवारी, डॉ. नसरीन अंजुम खान, अजीत गौतम, डॉ. नोखेलाल साहू सहित समस्त प्राध्यापकगण तथा लगभग 136 विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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