भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परंपरा)
राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश के प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. जनार्दन कुशवाहा ने पंचायतों में आरक्षण की अवधि 25 वर्षों के लिए तय करने की मांग उठाई है।

उन्होंने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे से बातचीत में कहा कि वर्तमान में पंचायतों में आरक्षण मात्र 5 वर्षों के लिए होता है, जबकि लोकसभा और विधानसभा सीटें 25 वर्षों तक आरक्षित रहती हैं। पंचायतों में बार-बार आरक्षण बदलने से विकास कार्य बाधित होते हैं और स्थिरता नहीं बन पाती।

प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने भी माना कि यदि यह मामला उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए, तो पंचायतों में भी आरक्षण की अवधि विधायिका की तरह 25 वर्ष की जा सकती है।

डॉ. कुशवाहा ने सभी ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि वे इस विषय पर एकजुट होकर प्रदेश अध्यक्ष से वार्ता करें और ठोस नीति बनाने की दिशा में कदम उठाएँ। उन्होंने कहा कि यह बदलाव पंचायतों में विकास और स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है।