
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं उनके समस्याओं के समाधान हेतु प्रत्येक दिन कार्य करने हेतु विद्यार्थी परिषद संकल्पबद्ध : निखिल गुप्ता
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, देवरिया जिले द्वारा गुरुवार को महासदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत एक ही दिन में जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के 8,635 नए छात्रों ने अभाविप परिवार की सदस्यता ग्रहण की। इस सफलता के साथ अभाविप ने एक बार फिर अपना ही बनाया हुआ रिकॉर्ड तोड़ते हुए नए इतिहास की रचना की ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। प्रत्येक वर्ष परिषद के सदस्यता अभियान के माध्यम से लाखों विद्यार्थी परिषद की सदस्यता ग्रहण कर राष्ट्र के पुनर्निर्माण हेतु संकल्पित होते हैं तथा “ज्ञान, शील और एकता” के मंत्र के साथ समाज और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाते है, जो परिषद की निरंतर बढ़ती लोकप्रियता और विद्यार्थियों के बीच उसकी स्वीकार्यता का प्रतीक है।
अभाविप गोरक्ष प्रांत सह मंत्री निखिल गुप्ता ने कहा कि जहां आज अन्य छात्र संगठन अपनी प्रासंगिकता खोते हुए एक-एक दिन करके समाप्ति की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सदस्यता प्रत्येक वर्ष लगातार बढ़ रही है। यह केवल संख्या की बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के विश्वास और उनके विचारों का प्रतिबिंब है।
आज का आम विद्यार्थी समझ चुका है कि अभाविप ही वह संगठन है जो 365 दिन छात्रहित, समाजहित और राष्ट्रहित में सक्रिय रहकर कार्य करता है। यही कारण है कि नई पीढ़ी अभाविप के विचारों से जुड़कर राष्ट्र के पुनर्निर्माण को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मान रही है और परिषद के ‘ज्ञान, शील और एकता’ के मंत्र के साथ एक सुनहरे भारत के निर्माण की दिशा में अग्रसर है ।
अभाविप देवरिया के विभाग संयोजक ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कोई सामान्य छात्र संगठन नहीं है, बल्कि यह ऐसा परिवार है जो वर्ष के 365 दिन छात्रहित और राष्ट्रहित के लिए निरंतर सक्रिय रहता है। विद्यार्थी परिषद समय-समय पर रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान देता है। साथ ही, जब भी आवश्यकता होती है, परिषद छात्र हितों और अधिकारों की रक्षा हेतु संघर्ष करने से कभी पीछे नहीं हटता।
जिला संगठन मंत्री सात्विक श्रीवास्तव ने कहा कि अभाविप परिवार से जुड़े नए सदस्य संगठन को और अधिक मजबूत बनाएंगे। इनके जुड़ने से विद्यार्थी परिषद की कार्यशक्ति और विस्तृत होगी तथा परिषद और बेहतर ढंग से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उनके हितों की रक्षा हेतु कार्य कर सकेगा।
