गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह के अंतर्गत आयोजित दीक्षोत्सव सप्ताह के तहत विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा गोद लिये गए पांच गांवों भौवापर, व्यवहरिया, खड़राइच, रक्षवापार एवं मुडियारी खुर्द — के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के मध्य फाइनल स्तर की प्रतियोगिताएँ आज महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ शोध केंद्र में संपन्न हुईं।
कार्यक्रम में कुल 95 विद्यार्थियों ने भाषण, चित्रकला, कहानी कथन, देशभक्ति गीत गायन एवं अभिनय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। प्राथमिक स्तर की प्रतियोगिताएँ 13 से 15 अगस्त के मध्य विद्यालय परिसरों में आयोजित की गई थीं, जिनके आधार पर चयनित प्रतिभागियों ने द्वितीय एवं फाइनल स्तर में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की।
प्रतियोगिता दो सत्रों में संपन्न हुई। प्रथम सत्र में भाषण तथा देशभक्ति गीत गायन एवं अभिनय प्रतियोगिता आयोजित हुई। भाषण प्रतियोगिता का विशेष महत्व रहा, क्योंकि इसके विजेता को दीक्षांत समारोह के मुख्य मंच पर प्रस्तुति का अवसर प्राप्त होगा। इस चरण में कुल चार प्रतिभागियों का चयन किया गया, जिनमें से अंतिम विजेता का चयन पुनः प्रतियोगिता के आधार पर किया जाएगा।
द्वितीय सत्र में चित्रकला एवं कहानी कथन प्रतियोगिताएँ आयोजित हुईं। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया। प्रतियोगिताओं के परिणाम कल घोषित किए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ न केवल उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करती हैं, बल्कि आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास में भी सहायक सिद्ध होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन कार्यक्रमों की प्रेरणा विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से प्राप्त हुई है, जिनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय सामुदायिक सहभागिता की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम में दीक्षांत समारोह अनुश्रवण समिति की अध्यक्ष प्रो. नंदिता सिंह तथा अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे विशिष्ट रूप से उपस्थित रहीं। अतिथियों का स्वागत संयोजक प्रो. दिव्या रानी सिंह ने किया तथा कार्यक्रम का संचालन डॉ. सत्यपाल सिंह ने किया।
इस अवसर पर महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ शोध केंद्र के उपनिदेशक डॉ. कुशलनाथ मिश्रा, डॉ. सोनम सिंह, डॉ. हर्षवर्धन सिंह, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. स्मृतिमल्ल, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. हर्ष देव वर्मा, डॉ. कुसुम रावत, डॉ. प्रदीप रजवारिया, डॉ. पवन कुमार, डॉ. श्री प्रकाश सिंह, डॉ. नूपुर सिंह, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. सुशील कुमार सिंह, डॉ. सुमन कनौजिया सहित विश्वविद्यालय एवं पिपराइच ब्लॉक के कई शिक्षक व सहयोगी उपस्थित रहे।