Sunday, February 15, 2026
Homeउत्तर प्रदेशगोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रत्येक सेमेस्टर में ‘स्वयं पाठ्यक्रम'

गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रत्येक सेमेस्टर में ‘स्वयं पाठ्यक्रम’

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अब प्रत्येक विभाग को हर सेमेस्टर में कम से कम एक ‘स्वयं’ (SWAYAM) पाठ्यक्रम का प्रावधान करना होगा।
यूजीसी के निर्देशों के अनुसार, छात्र ‘स्वयं’ पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपने कुल पाठ्यक्रम क्रेडिट का 40 प्रतिशत तक अर्जित कर सकते हैं। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकेगा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सभी संकायाध्यक्षों और विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि हर सेमेस्टर में ऐसा पाठ्यक्रम चुना जाए, जिसे छात्र वैकल्पिक रूप से ले सकें। इसमें शैक्षणिक संवर्द्धन पाठ्यक्रम और कौशल संवर्द्धन पाठ्यक्रम भी शामिल किए जा सकते हैं।
कुलसचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि इन पाठ्यक्रमों को संबंधित बोर्ड ऑफ स्टडीज़ से स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। विभागाध्यक्ष और विभागीय मेंटर की जिम्मेदारी होगी कि वे छात्रों को इन पाठ्यक्रमों की जानकारी दें और नामांकन प्रक्रिया में सहयोग करें।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत ‘स्वयं’ जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग छात्रों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं, स्वयं के समन्वयक प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों से छात्रों को विषयगत ज्ञान के साथ आधुनिक कौशल भी मिलेंगे, जिससे उनकी रोजगार संभावनाएँ बढ़ेंगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments