
इंसेफेलाइटिस बुखार से ग्रस्त, ग्राम पंचायत पड़री खुर्द का मामला
सतीश पाण्डेय की रिपोर्ट
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। मिठौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़री खुर्द में सफाई व्यवस्था तार- तार हो गई है।
प्रदेश सरकार स्वच्छता अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च कर गांवों को स्वच्छ व सुंदर बनाने की बात करती है, लेकिन यहां हालात बिल्कुल विपरीत हैं। सफाई कर्मियों की तैनाती के बावजूद नालियां महीनों से जाम हैं और गलियों में गंदगी का पहाड़ जमा है।
गांव के लोग बीमारियों के आलम में जी रहे हैं। मामला अजीत 14 वर्ष, पुत्र गोपाल का है, जो गंदगी और मच्छरों से फैली बीमारी की चपेट में आकर गंभीर हालत में पहुंच गया। 30 जुलाई 2025 को उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी जिंदगी और मौत के बीच जंग जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई के नाम पर सिर्फ कागजों में खानापूर्ति हो रही है। न तो नालियों की सफाई हो रही है, न ही मच्छर नाशक दवाओं का छिड़काव। सरकार के आदेश और योजनाएं कागज से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।गांव के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो हालात और भयावह हो सकता हैं।
इस संबंध में ग्राम प्रधान उदयभान ने कहा कि उन्होंने कई बार ब्लॉक स्तर के उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं, एडीओ पंचायत विनय कुमार पांडेय का दावा है कि रोस्टर लगवाकर सफाई का निर्देश दिया गया है और जल्द ही सफाई कराई जाएगी।

