
बलिया से घनश्याम तिवारी की रिपोर्ट
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
कारों मौजे में स्थित नसरद दादा की मजार पर इन दिनों रोज़ाना ‘भूत-प्रेत’ के साये से पीड़ितों का जमावड़ा लग रहा है। यह मजार अब तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास का अड्डा बन चुकी है, जहां एक स्वयंभू तांत्रिक जबार नट कथित ‘चमत्कारी इलाज’ के नाम पर मरीजों और उनके परिजनों से मोटी रकम वसूल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सिगारपुर निवासी जबार पहले पशु वध जैसे आपराधिक कार्यों में लिप्त था, लेकिन अब उसने मजार को कमाई का जरिया बना लिया है। बताया जाता है कि जबार खुद को नसरद दादा का परम भक्त और भूत-प्रेत का विशेषज्ञ बताकर तंत्र-मंत्र करता है। भिन्न-भिन्न वेशभूषा, धुएं, तेल और मंत्रों के माध्यम से वह भोले-भाले ग्रामीणों को अपने जाल में फंसाता है।
चंद वर्षों में चमका भाग्य
गांव वालों का कहना है कि जबार ने इस ‘धंधे’ की शुरुआत कुछ वर्षों पहले की थी, और अब वह आलीशान मकान, चारपहिया वाहन और एसी युक्त घर का मालिक बन चुका है। लोगों में यह चर्चा आम है कि जबार ने अंधविश्वास को हथियार बनाकर जमकर पैसा कमाया है। पुलिस तक पहुँचीं शिकायतें, पर नहीं हुई कार्रवाई कुछ महिलाओं ने जबार द्वारा आर्थिक दोहन की शिकायत स्थानीय पुलिस से भी की है। इस संबंध में थानाध्यक्ष रोहन ने बताया कि “अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलेगी तो उचित कार्रवाई की जाएगी।”स्थानीय जनों की चिंता
इलाके के जागरूक लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से अपील की है कि इस प्रकार के अंधविश्वास फैलाकर भोली-भाली जनता का शोषण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि ऐसे मामले ना सिर्फ कानून व्यवस्था को चुनौती देते हैं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ भी करते हैं।
