
पूर्वांचल में सांस्कृतिक जागरण की दिशा में बढ़ा कदम
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में नवगठित सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ‘तरंग’ की पहली बैठक गुरुवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में कुलपति कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक की शुरुआत में ‘तरंग’ की निदेशक प्रो. उषा सिंह ने कुलपति को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर ‘तरंग’ के प्रतीक चिन्ह (लोगो) का विमोचन किया गया। बैठक में संगीत, ताल, साहित्य, अभिनय और चित्रकला क्लब को सुचारू रूप से संचालित करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। प्रकोष्ठ के सभी सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव और विचार रखे। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि तरंग के माध्यम से गोरखपुर विश्वविद्यालय में ही नहीं, पूरे पूर्वांचल में कला और संस्कृति की एक नई लहर चलानी है। यह मंच छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को सामने लाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने प्रकोष्ठ की निदेशक, उपनिदेशक और सभी सदस्यों से अपेक्षा की कि वे सक्रिय रहकर कार्य करें और तरंग को एक मजबूत पहचान दें।
प्रो. उषा सिंह ने बताया कि तरंग के सभी कार्यक्रमों का कैलेंडर शीघ्र तैयार किया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर पांचों क्लब की गतिविधियाँ शुरू हो जाएंगी। बैठक में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे, संगीत क्लब की उपनिदेशक डॉ. अनुपमा कौशिक, ताल क्लब के उपनिदेशक डॉ. प्रदीप राजोरिया, साहित्य क्लब के उपनिदेशक डॉ. आमोद राय, अभिनय क्लब के उपनिदेशक डॉ. प्रदीप कुमार साहनी, चित्रकला क्लब के उपनिदेशक डॉ. गौरी शंकर चौहान सहित ‘तरंग’ के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
