मुंबई सहित कई महानगरपालिओ में भ्रष्टाचार और अवैध बांधकाम माफियाओं की बढ़ी टेंशन

मुंबई से अजय उपाध्याय की रिपोर्ट

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा) वसई–विरार महानगरपालिका के आयुक्त अनिल कुमार पवार के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी ने पूरे महानगरीय प्रशासनिक तंत्र में खलबली मचा दी है और आयुक्त पर भारी भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण बांधकाम माफियाओं से सांठगांठ के गंभीर आरोप हैं।सूत्रों के मुताबिक, ईडी की इस कार्रवाई में सिर्फ वसई–विरार ही नहीं बल्कि मुंबई महानगरपालिका के कई वार्डों का भी नाम सामने आ सकता है। खासतौर पर एल वार्ड, एन वार्ड,व एस वार्ड, के आदि क्षेत्रों में अवैध निर्माण और भू–माफियाओं की गतिविधियों पर निगाहें टिकी हैं।ईडी की प्राथमिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि ठेकेदार–अधिकारियों के सांठ -गांठ के जरिए अवैध इमारतों के बांधकामो को संरक्षण दिया गया है और इसके बदले में करोड़ों का लेन–देन हुआ। बताया जा रहा है कि सहायक आयुक्तों से लेकर अभियंताओं तक कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों पत्रकारो और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सिर्फ वसई–विरार ही नहीं बल्कि मुंबई के महानगरपालिकाओ में भी ईडी या अन्य केंद्रीय एजेंसियों के जरिए भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए। साथ ही, दोषी अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएँ। स्थानिक नागरिकों व शिकायतकर्ताओ का कहना है कि यह कार्रवाई यदि सही दिशा में आगे बढ़ी तो वर्षों से फल–फूल रहे अवैध निर्माण बांधकाम माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ का पर्दाफाश होना तय है।