
सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। विद्युत उपकेंद्र के बाहर मामूली बारिश के बाद ही जलभराव की समस्या उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए मुसीबत का सबब बन चुकी है। महज आधे घंटे की बारिश से उपकेंद्र के बाहर नदी जैसे हालात हो जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करने और अन्य कार्यों के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
स्थानीय 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र पर दो स्टेशन संचालित होते हैं – एक शहरी और दूसरा ग्रामीण क्षेत्र के लिए। इन दोनों के साथ उपखंड अधिकारी (एसडीओ) का कार्यालय भी स्थित है। बारिश होते ही मुख्य सड़क से लेकर उपकेंद्र तक का परिसर जलमग्न हो जाता है, जिससे न सिर्फ आवागमन बाधित होता है, बल्कि हाईवोल्टेज बिजली के बीच पानी भरने से जानलेवा खतरा भी मंडराता है।
इस गंभीर समस्या को लेकर वर्ष 2024 के दिसंबर महीने में तत्कालीन एसडीओ आलोक कुमार ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा था। उपजिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन छह माह बीतने के बावजूद न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही स्थिति में सुधार नजर आया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय लापरवाही के चलते हर बारिश में यह उपकेंद्र एक छोटी गंडक नदी का रूप ले लेता है। इससे उपभोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।