
भाटपार रानी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सावन माह के पवित्र वातावरण में भी सनातन धर्म और हिन्दू संस्कृति को निशाना बनाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को बनकटा विकास खंड अंतर्गत प्रताप छापर गांव में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां एक संदिग्ध मुस्लिम युवक गांव-गांव घूमकर हिन्दू समाज के घरों तक पहुंच रहा था और कथित रूप से धर्मांतरण की साजिश रच रहा था।जानकारी के अनुसार, उक्त युवक जब प्रताप छापर गांव में पहुंचा, तो स्थानीय लोगों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। मौके पर मौजूद व्यक्तियों ने जब उससे सख्ती से आधार कार्ड, स्थायी और वर्तमान पते की जानकारी मांगी, तो युवक घबरा गया और अपनी असली पहचान खुद ही उजागर कर दी। स्थानीय सूत्रों की मानें, तो युवक की हरकतें जेहादी मंसूबों की ओर इशारा कर रही थीं। आशंका जताई जा रही है कि वह किसी विशेष उद्देश्य से गांव में पहुंचा था, और उसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क भी काम कर रहा हो सकता है। स्थानीय चिंता: बिना पुलिस सत्यापन मकान उपलब्ध कराने की घटनाएं बढ़ीं इलाके में कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा बिना किसी पुलिस जांच के बाहरी संदिग्ध व्यक्तियों को आवास दिए जा रहे हैं। यह गंभीर सुरक्षा चुनौती बनता जा रहा है। लापता नाबालिगों की संख्या बढ़ी विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, बीते एक वर्ष में इस क्षेत्र से कई नाबालिग लड़कियां और छोटे बच्चे रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुए हैं, जिनकी अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। प्रशासन पर सवाल: पुनः यह सवाल उठता है कि ऐसी गंभीर घटनाओं पर पुलिस या खुफिया एजेंसियों की समय रहते सख्त कार्यवाही क्यों नहीं हो पाती? पूर्व में भी इस तरह के कई मामले सामने आए, लेकिन अधिकांश मामलों में कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा सकी। ग्रामीणों की मांग- तत्काल पुलिस जांच हो संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन की कार्रवाई शुरू की जाए इलाके में बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर निगरानी बढ़े लापता बच्चों के मामलों की पुनः जांच हो
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और ऐसे जेहादी तत्वों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि सनातन संस्कृति और ग्रामीण सुरक्षा को बनाए रखा जा सके।