
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा आसना में सावन शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि दिन मंगलवार को परंपरागत रूप से आयोजित नाग पंचमी मेले में इस वर्ष भी श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ा। रामजी बाबा के पावन स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा, जहां नाग देवता को दूध व लावा अर्पित कर लोगों ने सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान सांप के विष से मुक्ति दिलाने वाला चमत्कारी स्थल माना जाता है। ग्रामीणों का विश्वास है कि सांप काटने पर व्यक्ति को यदि यहां लाया जाए तो वह स्वतः ठीक हो जाता है। यही कारण है कि नाग पंचमी के दिन यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन व पूजन के लिए उमड़ते हैं।
नाग पंचमी को ग्रामीण भाषा में ‘पचईया’ कहा जाता है। इस दिन महिलाएं अपने घरों की दीवारों पर गोबर से नाग देवता के प्रतीक चिह्न बनाती हैं और पूजा करती हैं। इसके बाद रामजी बाबा स्थल पर दूध-लावा चढ़ाकर मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना करती हैं।
मेले का विशेष आकर्षण वर्षों पुरानी कुश्ती दंगल की परंपरा रही, जिसमें क्षेत्रीय व दूर-दराज के पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। साथ ही आसना, बालूपुर, काजीपुर, चंदायर, बहदुरा व दुरौंधा आदि गांवों से निकले झंडा जुलूसों ने मेले में उत्सव का माहौल बना दिया। जिन गांवों का झंडा सबसे ऊंचा होता है, उन्हें विशेष पुरस्कार भी दिया जाता है।मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए मनियर थाने के पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी की टीम भी तैनात रही। संपूर्ण आयोजन शांतिपूर्वक और भक्तिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।