झमाझम बारिश के बीच जलाभिषेक के लिए शिवालयों में उड़े श्रद्धालु

कन्हैया यादव।
बघौचघाट,देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
भगवान शिव को समर्पित सावन माह के तीसरे सोमवार को भक्तों ने भगवान शिव के साथ मां पार्वती,गणेश और कार्तिकेय एवं नंदी की पूजा अर्चना व जलाभिषेक कर परिवार और स्वजनों के खुशहाली व देश के समृद्धि के लिए शिवलिंग पर श्रद्धालुओं ने फूल माला,बेलपत्र,दूध,धतुर, भांग,मदार चढ़ाने के साथ ही जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना किया। सावन के तीसरे सोमवार पर शिवालयों में महादेव की पूजा करने के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी।सावन के झमाझम बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव का जयघोष करते हुए जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर पुण्य के भागी बने।वही थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार अस्थाना श्रद्धालुओं के सुरक्षा की दृष्टि से जगह जगह पुलिस कर्मियों को तैनात किए थे।जो श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कराकर दर्शन पूजन कराते रहे।वही दिनभर शिवालयों में श्रद्धालुओं के आने जाने का क्रम बना रहा।शिवोपासना के क्रम में कहीं महामृत्युंजय मंत्र का जप होता रहा,तो कही रुद्राभिषेक से वातावरण शिवमय बना रहा। शिव भक्तों ने शिवलिंग पर बेलपत्र के साथ ही भांग,धतूरा,जल,दूध,शहद,दही,गंगाजल,मदार,सफेद वस्त्र,कमलगट्टा,पंचगव्य,पंचमेवा आदि चढ़ाकर विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन किया। मेदीपट्टी धाम स्थित श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पूजन अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद प्राप्त कर मेले से जरूरत के समान खरीदा।
इसी क्रम में सखनी स्थित प्राचीन श्री चंद्रनाथ बाबा मंदिर,विशुनपुरा बाजार स्थित शिव मंदिर,शिव मंदिर पथरदेवा समेत क्षेत्र के अन्य शिव मंदिरों में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही।श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी आचार्य राजू मिश्रा ने बताया कि सावन के सोमवार व्रत और शिव आराधना का विशेष महत्व होता है।इस दिन रुद्राभिषेक और पूजा पाठ करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जल्द पूरी होती है।