
सादुल्लानगर/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। क्षेत्र में लंबे समय से मानसून की बेरुखी से जहां किसान परेशान हैं, वहीं बच्चों ने इस खाली समय को रचनात्मक दिशा देते हुए पारंपरिक खेलों की ओर रुख कर लिया है। रविवार को ग्राम भिरवा में बच्चों की टोली ने मिट्टी के मैदान में पारंपरिक खेल ‘कलौटी’ खेला, जिससे गांव में चहल-पहल और उत्साह का माहौल बन गया। गांव के स्कूल में छुट्टी होने के कारण स्थानीय मन्दिर में बच्चों ने कलौटी खेलते हुए न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी पुनर्जीवित किया। बच्चों ने बताया कि बारिश न होने से खेत सूखे हैं और मिट्टी सख्त है, जिससे यह खेल खेलने में बेहतर सुविधा मिली।गांव के वरिष्ठ नागरिक विनोद, प्रदीप, अजय, हिमांशु, विजय और कमलेश ने बच्चों की इस पहल की सराहना की। उनका कहना है कि आज के डिजिटल युग में जहां बच्चे मोबाइल और टीवी में उलझे रहते हैं, ऐसे समय में पारंपरिक खेलों की ओर लौटना एक सुखद संकेत है। यह न सिर्फ मनोरंजन का साधन है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत को बचाने का भी तरीका है।
बच्चों की इस ऊर्जा और सकारात्मकता ने पूरे गांव को एकजुट कर दिया। सभी ने मिलकर इंद्रदेव से अच्छी वर्षा की कामना की ताकि खेतों में हरियाली लौटे और किसानों के चेहरे भी मुस्कान से खिल उठें।