Thursday, February 12, 2026
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साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द की कर्म स्थली जीआईसी की बदहाली को लेकर सांसद चिंतिंत

मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जीर्णोद्वार की उठाई मांग

डेढ़ सौ वर्ष पुराना है कालेज का इतिहास

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय इंटर कॉलेज का इतिहास करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराना है। किसी समय में जिले का सबसे बेहतर शिक्षा का केन्द्र माना जाता था। लेकिन अब भवन जर्जर है और पूरा परिसर बदहाली का शिकार है। बताते हैं कि साहित्यकार मुंशी प्रेमचन्द भी इस विद्यालय में शिक्षण कार्य कर चुके हैं विद्यालय उनका कर्मस्थली रहा है हर इसके अस्तित्व को बचाने के लिये सांसद बहराइच आनंदगढ़ ने चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जीर्णोद्वार करा कर पुराने गौरव को वापस लाने और शैक्षिक स्तर को पुनः स्थापित किये जाने की मांग की।
सांसद बहराइच श्री गौड़ ने पत्र में कहा कि प्रख्यात साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मस्थली रहे राजकीय इंटर कालेज के साथ राजकीय बालिका इंटर कालेज शताब्दी से अबतक शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते आ रहे है। कालेज वर्तमान में उपेक्षा व बदहाली का शिकार है। अति प्राचीन कालेज का भवन जर्जर हो चुका है। अन्य शैक्षिक सुविधा के अभाव में छात्रों की संख्या न्यून हो गई है। छात्र-छात्राएं अब निजी विद्यालयों की ओर रुख कर रहे हैं। सांसद ने राजकीय इंटर कालेज व राजकीय बालिका इंटर कालेज के पुनर्निर्माण कराये जाने कालेज का शैक्षिक स्तर मैं सुधार कर छात्रों की संख्या बढ़ाने,अन्य शैक्षिक सुविधाओं की स्थापना कर कालेज के कायाकल्प कराने की मांग की। ताकि कालेज के पुराने गौरव व शिक्षा स्तर को पुनः स्थापित किया जा सके। उन्होंने परिसर में साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की स्मृति में वाटिका बनाने की भी मांग की।

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