Tuesday, February 17, 2026
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गांव सभा की सार्वजनिक पोखरी पर कब्जे की साज़िश! प्रधान ने लेखपाल पर पक्षपात का आरोप

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

पंदह ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत उकछी में सार्वजनिक संपत्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम प्रधान राजकुमार प्रसाद ने लेखपाल पूजा सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग जिलाधिकारी बलिया से की है।

प्रधान राजकुमार प्रसाद द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्रामसभा उकछी की आराजी संख्या 764 (नया नंबर 326), रकबा 1.65 एकड़ की सार्वजनिक पोखरी खतौनी फसली वर्ष 1356, 1359 व 1362 में दर्ज है और यह वर्षों से ग्राम की सार्वजनिक संपत्ति के रूप में मौजूद है। लेकिन गांव के कुछ प्रभावशाली लोग—योगेंद्र सिंह पुत्र राजकिशोर सिंह, रामायण सिंह पुत्र नंदजी सिंह व अन्य—इस पोखरी पर अवैध कब्जा कर मछली मारने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रधान ने आरोप लगाया कि 21 अप्रैल 2025 को इस संदर्भ में जिला प्रशासन को सूचित किया गया था कि विपक्षियों की नीयत सार्वजनिक पोखरी पर कब्जा करने की है। इसके बावजूद, लेखपाल पूजा सिंह मौके पर मौजूद रहकर विपक्षियों को मछली मरवाने की अनुमति देती रहीं। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में भी पक्षपात करते हुए यह दर्शाया गया कि आराजी संख्या 325 आबादी की भूमि है, जबकि रिकॉर्ड में स्पष्ट है कि आराजी संख्या 326 सार्वजनिक पोखरी है।

राजकुमार प्रसाद का आरोप है कि लेखपाल पूजा सिंह विपक्षियों की रिश्तेदार हैं और उन्होंने जानबूझकर पक्षपातपूर्ण रिपोर्ट तैयार कर ग्रामसभा के हितों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि लेखपाल की रिपोर्ट में तारीखों की ओवरराइटिंग स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि रिपोर्ट जल्दबाजी और बिना उचित प्रक्रिया के तैयार की गई।

गांववासियों ने भी प्रधान के इस कदम का समर्थन करते हुए कहा है कि ग्राम की सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि राजस्व कर्मी निजी रिश्तों के कारण पक्षपात करेंगे, तो गांव की जमीनों पर अतिक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।

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