Thursday, February 12, 2026
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राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान के तहत न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों को अधिकाधिक संख्या में होगा निस्तारण

जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। अपर जनपद न्यायाधीश / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाकर शमीम रिजवी ने बताया कि माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली व उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में दिनांक 01 जुलाई 2025 से दिनांक 30 सितम्बर 2025 तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है। उक्त अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों को अधिकाधिक संख्या में निस्तारण कराना है। न्यायालय द्वारा दिनांक 01 जुलाई 2025 से 31 जुलाई 2025 तक मध्यस्थता हेतु उपर्युक्त प्रकरणों की पहचान की जायेगी तथा पक्षकारों को सूचित कर प्रकरण को मध्यस्थता के लिए सन्दर्भित किया जायेगा। इस अभियान में वैवाहिक विवाद के मामले, दुर्घटना दावे के मामले, घरेलू हिंसा के मामले, चेक बाउन्स के मामले, वाणिज्यिक विवाद के मामले, सेवा विवाद के मामले, शमनीय अपराधिक मामले उपभेक्ता विवाद के मामले, ऋण वसूली के मामले, सम्पत्ति के बटवारे से सम्बन्धित मामले, बेदखली से सम्बन्धित मामले, भूमि अधिग्रहण के मामले, अन्य उपर्युक्त दीवानी मामले, जिसमें समाधान की सम्भवना प्रबल हो ऐसे मामलों को मध्यस्थता हेतु सन्दर्भित किया जायेगा।

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