Friday, February 20, 2026
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नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन द्वारा संचालित योजनाओं की बैठक संपन्न

मिलजुल कर मेहनत से करें काम, समय सीमा के अंदर निर्माण कार्य करें पूरा : नोडल अधिकारी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। शासन द्वारा जनपद के नामित नोडल अधिकारी ओमप्रकाश वर्मा विशेष सचिव कृषि की अध्यक्षता में आज जनपद में जल जीवन मिशन के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का लक्ष्य लोगों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराना है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को दूषित जल से होने वाली बीमारियों से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह सरकार का बहुत बड़ा लक्ष्य है। इसे सफल बनाना हमारी जिम्मेदारी है। बैठक के दौरान उन्होंने जनपद में कार्यरत एजेंसियों को प्लास्टिक की टोटी की जगह धातु की बनी टोटी लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने स्कूल, कॉलेज पर पंपलेट के माध्यम से शुद्ध जल से होने वाले फायदे एवं इस मिशन से होने वाले सभी लोगों को अवगत कराने के निर्देश दिए। जनपद में निर्माणाधीन कुल 536 ओवरहेड टैंक में से अभी तक 172 ओवरहेड टैंक पूर्ण होने पर उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम को ओवरहेड टैंक के प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने प्रतिदिन संबंधित एजेंसियों के कार्यों की मॉनिटरिंग करने को भी कहा, जिससे जून तक कम से कम 400 ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य पूर्ण हो सके। उन्होंने इसके लिए एजेंसियों को मैनपॉवर बढ़ाने के भी निर्देश दिए। पंप हाउस के निर्माण की प्रगति की समीक्षा के दौरान अभी तक 53 पंप हाउस निर्माण कार्य पूर्ण नहीं मिले जिनमें से सर्वाधिक एल.सी. इंफ्रा एजेंसी के 32 पंप हाउस हैं। उन्होंने संबंधित कार्यदाई संस्था के जनपद प्रतिनिधि को अंतिम चेतावनी देते हुए जुलाई तक सारे पंप हाउस निर्माण कार्य पूर्ण करने को कहा अन्यथा की स्थिति में कड़ी पेनल्टी लगाने की चेतावनी दी। ट्यूबवेल के निर्माण हेतु कुछ जगहों पर जमीन की अनुउपलब्धता संज्ञान में लाने पर उन्होंने जिलाधिकारी को एक सप्ताह के अंदर समस्त स्तरों पर जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुए ट्यूबवेल कार्य पूर्ण करने को कहा। आईएसए के कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने विलेज लेवल कमेटी की नियमित बैठक करने तथा उन्हें प्रशिक्षित करते हुए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वीडब्ल्यूएससी को भी दूषित पानी के दुष्प्रभावों से जागरुक करते हुए ग्रामीणों को भी शुद्ध पेय जल के फायदे से अवगत कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर, अधिशासी अभियंता जल निगम सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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