Friday, February 20, 2026
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राजस्व कार्यों की सुस्ती पर जिलाधिकारी ने जताई नाराज़गी, तय समयसीमा में निस्तारण के दिए निर्देश

अतिक्रमण हटाने और पारदर्शिता पर विशेष जोर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने शुक्रवार की शाम कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विभाग के अप्रैल माह के कार्यों की मासिक समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व से जुड़े मामलों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में भू-राजस्व वसूली, न्यायिक वादों की प्रगति, स्टांप व चकबंदी मामलों सहित खतौनियों के दाखिले की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि धारा-30, 24, 34, 80 और 116 से जुड़े प्रकरणों को निर्धारित समयसीमा में अनिवार्य रूप से निस्तारित किया जाए। ग्राम समाज की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने धारा 67 के तहत त्वरित कार्रवाई कर भूमि को मुक्त कराने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेवजह दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सभी अधिकारियों को सजग रहना होगा।

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने प्रत्येक तहसील के शीर्ष 10 बड़े बकायेदारों की सूची दृश्य स्थलों पर प्रदर्शित करने का निर्देश भी दिया और कहा कि बड़े बकायेदारों से वसूली अभियान में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का शीघ्र लाभ देने पर जोर दिया।

बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी जे.आर. चौधरी, एडीएम प्रशासन जैनेंद्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर श्रुति शर्मा, एसडीएम बरहज विपिन द्विवेदी, एसडीएम सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव, एसडीएम भाटपाररानी रत्नेश तिवारी, एसडीएम रुद्रपुर हरिशंकर लाल व डीजीसी नवनीत मालवीय सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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