
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (आईकेएसवी), खैरागढ़ के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। यह समझौता प्रदर्शन और दृश्य कलाओं के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए किया गया है।
इस समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के बीच प्रदर्शन कला, दृश्य कला, भाषाई अध्ययन, सांस्कृतिक अध्ययन, नाट्य, सिनेमा और टेलीविजन, छात्र और शिक्षक आदान-प्रदान, पाठ्यक्रम और कार्यक्रम विकास, कला के सभी रूपों में अनुसंधान एवं विकास में सहयोग होगा। ज्ञात हो इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय एशिया का प्रमुख विश्वविद्यालय है जो संगीत, नृत्य, ललित कला, नाटक और साहित्य के क्षेत्र में शिक्षा प्रदान करता है। यह संस्थान भारतीय कलाओं की परंपरा को संरक्षित रखने के साथ-साथ वैश्विक सांस्कृतिक परिवर्तनों के बीच उसे प्रासंगिक बनाए रखने का कार्य कर रहा है। इस अवसर पर डीडीयूजीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह समझौता हमारी उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें हम पारंपरिक कलाओं की गरिमा को आधुनिक अकादमिक ढांचे में समाहित कर रहे हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के साथ यह साझेदारी हमारे छात्रों और शिक्षकों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। यह गर्व और आशा का क्षण है – जब विरासत और नवाचार एक साथ चलते हैं। यह समझौता डीडीयूजीयू की कलाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
