वाशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए बड़ा कदम उठाते हुए अपने नए अंतरराष्ट्रीय मंच Board of Peace के जरिए 5 अरब डॉलर की मदद की घोषणा की है। ट्रंप ने कहा कि गाजा युद्ध से बर्बाद हुए इलाकों को फिर से बसाने और वहां स्थायी शांति स्थापित करने के लिए यह फंड दिया जाएगा।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि Board of Peace इतिहास का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय संगठन साबित हो सकता है और इसका अध्यक्ष बनना उनके लिए गर्व की बात है। गुरुवार को वाशिंगटन में होने वाली पहली आधिकारिक बैठक में सदस्य देश औपचारिक घोषणा करेंगे।
ट्रंप के मुताबिक Board of Peace की पहली बैठक US Institute of Peace में आयोजित की जाएगी। विदेश विभाग ने दिसंबर में संकेत दिया था कि संस्थान का नाम बदलकर ‘Donald J Trump US Institute of Peace’ किया जा सकता है, हालांकि इसको लेकर कानूनी विवाद जारी है।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब गाजा में युद्धविराम के बाद पुनर्निर्माण की प्रक्रिया पर वैश्विक निगाहें टिकी हुई हैं।
Board of Peace में 20 से ज्यादा सदस्य देश शामिल बताए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि पहली बैठक में कौन-कौन हिस्सा लेगा।
इंडोनेशिया की सेना ने संकेत दिया है कि जून के अंत तक लगभग 8,000 सैनिक गाजा में शांति और मानवीय मिशन के लिए भेजे जा सकते हैं। हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि कौन सा देश पुनर्निर्माण फंड देगा और कौन सुरक्षा बल तैनात करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Board of Peace सक्रिय रूप से काम करता है, तो यह संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को चुनौती दे सकता है।
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गाजा में लंबे समय से जारी Israel-Hamas war ने क्षेत्र को गहरी मानवीय और आर्थिक संकट में डाल दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, Board of Peace की संरचना और निर्णय प्रक्रिया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विकल्प के रूप में देखी जा रही है। हालांकि कई यूरोपीय देश और अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी इस पहल को लेकर सतर्क हैं। उन्हें आशंका है कि यह वैश्विक कूटनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
संयुक्त राष्ट्र, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ के अनुमान के अनुसार, गाजा के पुनर्निर्माण में लगभग 70 अरब डॉलर का खर्च आ सकता है।
दो साल से अधिक समय तक चले संघर्ष ने बुनियादी ढांचे, अस्पतालों, स्कूलों और आवासीय इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। 10 अक्टूबर को अमेरिका की मध्यस्थता में युद्धविराम लागू हुआ, लेकिन स्थायी शांति और पुनर्निर्माण अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
ट्रंप का 5 अरब डॉलर का पैकेज इस विशाल फंडिंग जरूरत का शुरुआती हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, Board of Peace के जरिए ट्रंप खुद को वैश्विक शांति पहल के नेता के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।
गाजा में पुनर्निर्माण और सुरक्षा बल की तैनाती से अमेरिका की मध्य पूर्व नीति में बड़ा बदलाव दिख सकता है। अगर सदस्य देश सक्रिय समर्थन देते हैं, तो यह पहल क्षेत्रीय स्थिरता में अहम भूमिका निभा सकती है।
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