नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़े कथित 40,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला उद्योगपति अनिल अंबानी समूह की कंपनियों से जुड़ा हुआ है।
ईडी ने शुक्रवार को बताया कि 61 वर्षीय पुनीत गर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गुरुवार को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद दिल्ली की विशेष PMLA कोर्ट ने उन्हें 9 दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
ईडी के अनुसार, रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसकी समूह कंपनियों द्वारा विभिन्न बैंकों से लिए गए करीब 40,000 करोड़ रुपये के ऋण का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। जांच में सामने आया है कि इस धनराशि को कई विदेशी सब्सिडियरी कंपनियों और ऑफशोर संस्थाओं के माध्यम से इधर-उधर घुमाया गया।
एजेंसी का दावा है कि पुनीत गर्ग ने 2001 से 2025 तक आरकॉम में वरिष्ठ प्रबंधन और निदेशक पदों पर रहते हुए अपराध से अर्जित आय को अधिग्रहण, छिपाने, परतों में लगाने और नष्ट करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
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कंपनी में अहम भूमिका
ईडी के मुताबिक, गर्ग ने
• 2006 से 2013 तक आरकॉम के वैश्विक एंटरप्राइज बिजनेस का नेतृत्व किया
• 2014 से 2017 तक चेयरमैन (रेगुलेटरी अफेयर्स) के पद पर कार्य किया
पत्नी के नाम संपत्तियां भी जब्त
ईडी ने यह भी खुलासा किया कि उसने पुनीत गर्ग की पत्नी के नाम पर मौजूद शेयर और म्यूचुअल फंड जब्त कर लिए हैं, जिन्हें कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ा जा रहा है।
फिलहाल, इस गिरफ्तारी पर रिलायंस समूह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच एजेंसी मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
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