गोवा अग्निकांड में 25 की मौत: एक दशक में नाइट क्लबों में लगी आग ने छीनी सैकड़ों जिंदगियां

गोवा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। गोवा के उत्तरी इलाके अरपोरा स्थित बिर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में रविवार तड़के भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हैं। आग लगने के कारणों की जांच के आदेश गोवा सरकार ने जारी कर दिए हैं। अभी तक 18 शवों की पहचान हो चुकी है और बाकी की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

यह हादसा दुनिया भर में पिछले एक दशक में नाइट क्लबों में हुई आग की घटनाओं की भयावह यादें ताजा करता है, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में, मार्च 2025 में उत्तरी मैसेडोनिया के एक नाइट क्लब में लगी आग में 62 लोगों की मौत हो गई थी।

पिछले 10 वर्षों में नाइट क्लबों में आग की प्रमुख घटनाएँ

  1. अक्टूबर 2015 – बुखारेस्ट, रोमानिया (64 मौतें)

कोलेक्टिव नाइट क्लब में मेटल बैंड के शो के दौरान आतिशबाजी से लगी आग ने 64 लोगों की जान ले ली। यह यूरोप की सबसे दर्दनाक क्लब आग की घटनाओं में से एक मानी जाती है।

  1. दिसंबर 2016 – ओकलैंड, कैलिफोर्निया (36 मौतें)

‘घोस्ट शिप’ नामक एक गोदाम में डांस पार्टी के दौरान आग लगने से 36 लोगों की जान चली गई। यह ओकलैंड के इतिहास की सबसे घातक आग थी।

  1. जनवरी 2022 – याउंडे, कैमरून (16 मौतें)

शैंपेन सर्व करने के दौरान जलाए गए पटाखों से आग लगने पर 16 लोगों की मौत हो गई।

  1. जनवरी 2022 – पापुआ, इंडोनेशिया (19 मौतें)

सोरोंग नाइट क्लब के अंदर दो समूहों की झड़प के बाद क्लब में आग लगा दी गई, जिसमें 19 लोगों की जान गई।

  1. अगस्त 2022 – बैंकॉक, थाईलैंड (23 मौतें)

माउंटेन बी नाइट क्लब में शॉर्ट सर्किट की आशंका के बाद लगी आग में 23 लोगों की मौत हो गई।

  1. अक्टूबर 2023 – मर्सिया, स्पेन (13 मौतें)

एक नाइट क्लब परिसर में बिजली संबंधी खराबी के कारण लगी आग में 13 लोग मारे गए।

  1. अप्रैल 2024 – इस्तांबुल, तुर्की (29 मौतें)

मास्करेड नाइट क्लब में नवीनीकरण कार्य के दौरान आग लगी और 29 लोगों की मौत हो गई।

  1. मार्च 2025 – उत्तरी मैसेडोनिया (62 मौतें)

क्लब के अंदर आतिशबाजी की चिंगारी छत से टकराने पर लगी आग ने 62 लोगों की जान ले ली, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है।

गोवा अग्निकांड ने एक बार फिर नाइट क्लबों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और घायलों का इलाज जारी है। पिछले दशक में नाइट क्लबों में आग से हुई मौतों की श्रृंखला बताती है कि सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किए जाने की जरूरत है।

Karan Pandey

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